कोरोना वायरस : भारत में अब तक 261 नए मामले, पाकिस्तान के कराची में एक हफ्ते में 4 मौतें, हर दिन मिल रहें 8-10 पॉजिटिव केस

              इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कराची में बीते एक हफ्ते में कोरोना की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग थे और ये लोग पहले से ही कई बीमारियों से जूझ रहे थे।

              ये सभी मौतें आगा खान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में हुई है। यहां पर बीते कुछ दिनों से लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

              वहीं, भारत में अब तक कोरोना के 261 नए मामले मिले हैं। केरल में सबसे ज्यादा 95, तमिलनाडु में 66 और महाराष्ट्र में 56 नए केस मिले हैं। इन नए मामलों के लिए कोरोना के JN1 वैरिएंट को वजह माना जा रहा है।

              पाकिस्तान में रोज 8 से 10 कोरोना पॉजिटिव आ रहे

              कराची के श्वसन रोग एक्सपर्ट् डॉ. जावेद खान ने मीडिया को बताया कि पिछले हफ्ते से हर दिन 8 से 10 कोविड-19 के पॉजिटिव मामले देखे जा रहे हैं। वहीं, सिंध की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. आजरा पेचुहो ने कहा कि फिलहाल पर मौजूदा हालात पर कुछ भी बयान नहीं दे सकती।

              पाकिस्तान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया- हमें बहुत कम सैंपल मिल रहे हैं, लेकिन उनमें से 10 से 20% सैंपल कोविड पॉजिटिव हैं। समस्या की गंभीरता समझने के लिए हमें और डेटा चाहिए।

              इस बार कोरोना के नए वैरिएंट का सबसे ज्यादा असर बुजुर्ग और कम इम्यूनिटी वाले लोगों पर हो रहा है। (फाइल फोटो)

              इस बार कोरोना के नए वैरिएंट का सबसे ज्यादा असर बुजुर्ग और कम इम्यूनिटी वाले लोगों पर हो रहा है। (फाइल फोटो)

              एशिया में कोरोना के 50 हजार से ज्यादा नए मामले आए

              बीते कुछ वक्त से एशिया भर में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। सिंगापुर में 13 मई तक कोरोना के 14,200 और थाईलैंड में 17 मई तक 33,030 नए मरीज मिले। हॉन्गकॉन्ग में 10 मई तक 1042 नए केस दर्ज किए गए।

              भारत में भी 12 मई के बाद से केस बढ़े हैं। 11 राज्यों में नए केस सामने आए हैं। ज्यादातर मामले केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से हैं। 19 मई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो आंकड़े दिए, उसके मुताबिक देश में एक्टिव केस 261 हैं। मुंबई में दो मरीजों की मौत की खबर भी आई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स कोरोना के इस वैरिएंट को ज्यादा खतरनाक नहीं मान रहे हैं।

              कोरोना के नए JN1 वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता

              इस बार संक्रमण के लिए ओमिक्रोन के नए वैरिएंट JN1 और उसके सब-वैरिएंट्स LF7 और NB1.8 को जिम्मेदार माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह लगे कि ये नए वैरिएंट पहले से ज्यादा खतरनाक या तेजी से फैलने वाले हैं।

              हालांकि, उनका मानना है कि यह लहर कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर अपना असर दिखा सकती है।

              इम्यूनिटी को कमजोर करता है​​​​​ JN.1 वैरिएंट

              JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया।

              इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 पहले के वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। यह दुनिया के कई हिस्सों में सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है।

              JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक कहीं भी रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।


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