टोक्यो: PM मोदी को टोक्यो के प्रसिद्ध शोरिनजन दारुमा जी मंदिर पहुंचे। वहां के मुख्य पुजारी ने पीएम मोदी को खास डॉल भेंट की। दारुमा एक पारंपरिक जापानी गुड़िया है। दारुमा को भाग्यशाली ताबीज के रूप में भी जाना जाता है।
दारुमा को बनाने के लिए कागज का इस्तेमाल होता है। यह लाल रंग का होता है। जापान में लोगों का मानना है कि लाल रंग बुरी आत्माओं को दूर भगाता है।
मोदी शुक्रवार सुबह जापान पहुंचे हैं। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक भारतीय नृत्य ‘भरतनाट्यम’ से उनका स्वागत किया। गायत्री मंत्र और राजस्थानी भजन भी सुनाया।
इसके बाद मोदी जापान में रह रहे प्रवासी भारतीयों से भी मिले। लोगों ने PM के स्वागत में मोदी-मोदी के जयकारे लगाए और ऑपरेशन सिंदूर के लिए बधाई दी।
जापान में मोदी के 7 खास मोमेंट्स देखिए…
1.वी लव यू मोदी जी, ऑपरेशन सिंदूर के लिए बधाई
भारतीय मूल के लोगों ने टोक्यो के होटल में तिरंगा झंडा लहराते हुए मोदी का स्वागत किया।
लोगों ने मोदी से कहा- वी लव यू मोदी जी। जय श्री राम और भारत माता की जय जैसे नारे लगाए। साथ ही आपरेशन सिंदूर के लिए मोदी को बधाई दी।

2. होटल में गूंजा मोदी का नारा
मोदी जी के टोक्यो के होटल में पहुंचने पर सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही थी, मोदी, मोदी,मोदी। PM ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिनंदन किया।

3.सैल्यूट मोदी जी
भारतीय मूल की महिला ने मोदी को सैल्यूट किया, जिस पर मोदी ने महिला के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया।

4. जापानी महिलाओं का पारंपरिक भारतीय नृत्य
जापानी महिला कलाकारों ने मोदी का स्वागत पारंपरिक भारतीय नृत्य भरतनाट्यम से किया। साथ ही मोदी ने जापान के तबलावादकों की परफॉर्मेंस देखी।

5.पधारो म्हारे देश कहकर स्वागत
जापानी महिलाओं ने मोदी का स्वागत पधारो म्हारे देश कहकर किया।
इस पर मोदी ने पूछा क्या आप हिंदी गाना भी गा सकती हैं, जिसके बाद जापानी महिलाओं ने राजस्थानी भजन वारी जावों रे सुनाया।

6.मोदी ने ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया
भजन सुनकर मोदी ने जापानी महिलाओं का ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया। मोदी ने उनसे पूछा आप कितने सालों से हिंदी सीख रही हैं।
इस पर महिलाओं ने उन्हें बताया कि वो गुजरात और राजस्थान में करीब 5 साल से रहकर हिंदी गीत और भजन सीख रही हैं।

7.गायत्री मंत्र का पाठ
जापानी समुदाय के लोगों ने मोदी के स्वागत में सर्वे भवंतु सुखिनः और गायत्री मंत्र गाए।

8. मंदिर के पुजारी ने मोदी को डॅाल भेंट की
शोरिनजन दारुमा जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने मोदी को दारुमा गुड़िया भेंट की। शोरिनजान दारुमा मंदिर जापान के ताकासाकी में स्थित एक छोटा मंदिर है।
इसका निर्माण 1697 में जेन बौद्ध धर्म (बौद्ध धर्म का जापानी संप्रदाय ) के ओबाकू संप्रदाय ने किया था। ताकासाकी को दारुमा (जापान की पारंपरिक गुड़िया) का जन्मस्थान माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि गुड़ियों की उत्पत्ति कई साल पहले इसी जगह से हुई थी।

मान्यताओं के अनुसार, दारुमा ने अपने हाथ-पैर मोड़कर, लगातार नौ साल तक ध्यान किया था। यही वजह है कि दारुमा गुड़िया का आकार भी गोल है, जो उनके मुड़े हुए हाथ और पैर को दर्शाता है।
ऐसा भी माना जाता है कि यह सौभाग्य का प्रतीक है। इस खिलौने को ऐसे डिजाइन किया गया है कि अगर इसे पलट दिया जाए तो यह खुद ही सीधा खड़ा हो जाता है।

(Bureau Chief, Korba)