हरियाणा: सीनियर IPS अफसर ने सुसाइड किया, अपनी कोठी में खुद को गोली मारी, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पोस्टिंग थी; पत्नी IAS ऑफिसर, CM के साथ जापान दौरे पर

              हरियाणा: प्रदेश के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपनी कोठी में खुद को गोली मार ली। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपने PSO की पिस्टल से फायरिंग की है। घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

              चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा- ‘वाई पूरन कुमार ने खुदकुशी की है। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। सुसाइड के कारणों का पता किया जा रहा है।’ ‘

              वाई पूरन कुमार हरियाणा पुलिस में 2001 बैच के अफसर थे। 29 सितंबर को ही उनकी पोस्टिंग रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में IG के तौर पर हुई थी। बताया जा रहा है कि वह 7 अक्टूबर तक छुट्टी पर थे। हालांकि हरियाणा पुलिस से उनकी छुट्‌टी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई।

              वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार हरियाणा सरकार में ही सीनियर IAS अफसर हैं। अमनीत पी. कुमार हरियाणा CM नायब सैनी के साथ 5 अक्टूबर को जापान गए राज्य सरकार के डेलीगेशन में शामिल हैं। यह डेलीगेशन 8 अक्टूबर की शाम को भारत लौटेगा।

              वाई पूरन कुमार की कोठी के बाहर की PHOTOS

              वाई पूरन कुमार की कोठी के बाहर खड़े पुलिस अधिकारी।

              वाई पूरन कुमार की कोठी के बाहर खड़े पुलिस अधिकारी।

              चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में वाई पूरन कुमार की कोठी के बाहर जमा मीडियाकर्मी।

              चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में वाई पूरन कुमार की कोठी के बाहर जमा मीडियाकर्मी।

              चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में कोठी नंबर 116 के बाहर खड़े पुलिस अधिकारी।

              चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में कोठी नंबर 116 के बाहर खड़े पुलिस अधिकारी।

              इस घटना से जुड़ी 2 प्रमुख बातें….

              1. तीन मंजिला कोठी के ग्राउंड फ्लोर पर घटना

              IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर 11 की जिस 116 नंबर कोठी में सुसाइड किया, वह तीन मंजिला है। तीनों फ्लोर पर अलग-अलग परिवार रहते हैं। वाई पूरन कुमार के पास इस कोठी का ग्राउंड फ्लोर है। वह यहां अपनी पत्नी अमनीत पी. कुमार और एक बेटी के साथ रहते थे। उनकी पत्नी नागरिक उड्डयन विभाग की सचिव हैं। इनकी छोटी बेटी चंडीगढ़ में ही पढ़ाई कर रही है, जबकि बड़ी बेटी विदेश में स्टडी करने के लिए गई हुई है।

              2. मजदूरों ने नहीं सुनी गोली चलने की आवाज

              कोठी के बाहर एक प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी के गार्ड तैनात रहते हैं जिन्हें तीनों फैमिली ने मिलकर रखा है। यहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने ही चंडीगढ़ पुलिस को फोन करके गोली चलने की सूचना दी। कोठी के ठीक सामने स्थित प्लॉट में घर बनाने का काम चल रहा है। यहां काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि उन्होंने गोली चलने की कोई आवाज नहीं सुनी। दोपहर 2 बजे जब पुलिस की कई गाड़ियां वहां पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि सामने वाली कोठी में किसी बड़े पुलिस अफसर ने खुद को गोली मार ली है।

              वाई पूरन कुमार के पोस्टिंग के ऑर्डर…

              कुमार ने IPS अफसरों के प्रमोशन पर सवाल उठाए थे

              पिछले साल हरियाणा में IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने कुछ IPS अफसरों के प्रमोशन पर सवाल उठाया था। ये अफसर 1991, 1996, 1997 और 2005 बैच के थे। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि ये प्रमोशन गलत तरीके से किए गए हैं। वित्त विभाग ने गृह मंत्रालय के नियमों को अनदेखा करके सिर्फ अपनी सहमति से ये प्रमोशन कर दिए।

              उन्होंने पत्र में ये भी लिखा कि उन्होंने पहले 11 अक्टूबर 2022 को गृह विभाग के बड़े अफसर को बताया था कि 2001 बैच के अफसरों को DIG के पद पर प्रमोशन देने के लिए गृह मंत्रालय के नियमों का पालन किया जाए। साथ ही, उनकी सैलरी फिर से तय की जाए और उन्हें बकाया पैसे भी दिए जाएं।

              पूर्व DGP मनोज यादव पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे

              वाई पूरन कुमार ने अंबाला के SP को शिकायत देकर पूर्व DGP मनोज यादव पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। साथ ही SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने की गुहार लगाई थी। IG वाई पूरन ने बताया था कि 3 अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश था। उस दिन वे शहजादपुर थाने में बने मंदिर में माथा टेकने गए थे। उसी दिन तत्कालीन SP अभिषेक जोरवाल भी मंदिर में गए थे।

              17 अगस्त 2020 को तत्कालीन DGP मनोज यादव ने उन्हें एक पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने पूछा कि क्या थाने में मंदिर स्थापित करने से पहले सरकार से अनुमति ली गई थी? इस पर पूरन ने कहा था कि मामले को लेकर उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया।


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