Friday, February 27, 2026

              अमेरिका में सरकारी शटडाउन का आज 36वां दिन, यह इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन, 4 करोड़ लोगों की फूड सप्लाई बंद, लाखों बेरोजगार, कर्ज लेकर घर चला रहे

              वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका में 1 अक्टूबर से शुरू हुए सरकारी शटडाउन का आज 36वां दिन है। यह अमेरिका के इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान 2018 में 35 दिनों तक सरकारी कामकाज ठप रहा था।

              शटडाउन की वजह से 42 मिलियन (4.2 करोड़) अमेरिकियों की फूड स्टैंप (SNAP) सहायता रुक गई है। अमेरिका के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट (USDA) के पास इस कार्यक्रम के लिए सिर्फ 5 अरब डॉलर का रिजर्व फंड है, जबकि नवंबर में फूड स्टैंप जारी रखने के लिए 9.2 अरब डॉलर की जरूरत होगी।

              वॉशिंगटन स्थित बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के मुताबिक अब तक 6.7 लाख सरकारी कर्मचारी छुट्टी पर भेजे जा चुके हैं, जबकि 7.3 लाख कर्मचारी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं। इस तरह लगभग 14 लाख लोग कर्ज लेकर घर चला रहे हैं।

              ट्रम्प हेल्थ केयर प्रोग्राम की सब्सिडी बढ़ाने को तैयार नहीं हैं, इस वजह से अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में फंडिंग बिल पास नहीं हो पा रहा है। इस बिल पर अब तक 14 बार वोटिंग हो चुकी है, लेकिन हर बार बहुमत के लिए जरूरी 60 वोट नहीं मिल पाए।

              25 राज्यों ने ट्रम्प के खिलाफ मुकदमा किया

              फूड सप्लाई प्रोग्राम रुकने के बाद न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और मैसाचुसेट्स समेत 25 राज्यों ने इस फैसले के खिलाफ ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है। इन राज्यों का कहना है कि लाखों लोगों की फूड सप्लाई रोकना गैरकानूनी है।

              वहीं, शटडाउन से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) के मुताबिक अब तक 11 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) का नुकसान हो चुका है। अगर शटडाउन जल्द खत्म नहीं हुआ तो देश की GDP में चौथी तिमाही में 1% से 2% की गिरावट आ सकती है।

              हर दिन 3300 करोड़ की सैलरी का नुकसान

              CBO के मुताबिक, जबरदस्ती छुट्टी पर भेजे गए कर्मचारियों (फर्लो कर्मचारी) की करीब 400 मिलियन डॉलर (₹3,300 करोड़) प्रतिदिन सैलरी का नुकसान हो रहा है।

              CBO के डायरेक्टर फिलिप स्वैगल ने कहा कि शटडाउन के कारण सरकारी खर्च में देरी हो रही है और इसका अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है। यह असर कुछ हद तक खत्म हो जाएगा, लेकिन पूरी तरह नहीं।

              अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप पड़ने (शटडाउन) के चलते हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देशभर के कई हवाई अड्डों पर उड़ानें देर से चल रही हैं या रद्द की जा रही हैं।

              परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि 11,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को वेतन नहीं मिला है और अगर यह स्थिति जारी रही तो हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ेगा।

              16,700 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं

              वहीं, फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) भारी तनाव और थकान से जूझ रहे हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं।

              FAA की रिपोर्ट के मुताबिक 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच अमेरिका में 16,700 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं और 2,282 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

              FAA ने बताया कि उसके प्रमुख 30 एयरपोर्ट्स में से आधे में स्टाफ की भारी कमी है। न्यूयॉर्क क्षेत्र के हवाई अड्डों में तो 80% तक कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर इमरजेंसी सर्विस के तहत आते हैं। इसलिए वे काम पर तो आ रहे हैं, लेकिन 1 अक्टूबर से उन्हें तनख्वाह नहीं मिली है।

              परिवहन मंत्री सीन डफी ने कहा कि हम सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। इसमें उड़ानों की देरी और रद्द होना शामिल है, लेकिन मैं एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को नहीं निकालूंगा, क्योंकि वे अपने परिवार को खिलाने के लिए दूसरी नौकरियां कर रहे हैं।

              हेल्थ केयर प्रोग्राम को लेकर सहमति नहीं बन पाई

              अमेरिका का फिस्कल ईयर यानी खर्च का साल 1 अक्टूबर से शुरू होता है। यह एक तरह से सरकार का आर्थिक साल होता है, जिसमें वह अपना पैसा खर्च करने और बजट बनाने की योजना बनाती है।

              इस दौरान सरकार तय करती है कि कहां पैसा लगाना है, जैसे सेना, स्वास्थ्य या शिक्षा में। अगर इस तारीख तक नया बजट पास नहीं होता, तो सरकारी कामकाज बंद हो जाता है। इसे शटडाउन कहते हैं।

              अमेरिका के दोनों प्रमुख दल डेमोक्रेट और रिपब्लिकन में ओबामा हेल्थ केयर सब्सिडी प्रोग्राम को लेकर ठनी हुई है। डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि हेल्थ केयर (स्वास्थ्य बीमा) की सब्सिडी बढ़ाई जाए।

              रिपब्लिकन को डर है कि अगर सब्सिडी बढ़ाई गई तो सरकार को खर्च करने के लिए और पैसे की जरूरत पड़ेगी, जिससे बाकी सरकारी काम प्रभावित होंगे।

              36 दिन के शटडाउन का असर

              • कर्मचारियों पर: करीब 7.5 लाख सरकारी कर्मचारी बिना सैलरी के छुट्टी पर हैं। सेना, पुलिस, बॉर्डर सिक्योरिटी और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर जैसे जरूरी कर्मचारियों को बिना सैलरी काम करना पड़ रहा है।
              • हवाई यात्रा और फूड प्रोग्राम: उड़ानें देरी से चल रही हैं और लोअर इनकम वाले परिवारों को फूड सहायता न मिलने का खतरा बढ़ रहा है।
              • फूड प्रोग्राम रोका गया: 4.2 करोड़ अमेरिकियों की फूड स्टैंप (SNAP) सहायता रुक गई है। सरकार के पास जरूरी फंड नहीं है
              • एटमी हथियार एजेंसी: नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एजेंसी ने 1,400 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा है। एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने दो हफ्ते पहले कहा था कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है, इससे परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

              अमेरिकी संसद में फिलिबस्टर की कंडिशन बनी है

              अमेरिकी संसद में इस समय फिलिबस्टर की कंडिशन बनी हुई है। इसके जरिए सांसद किसी बिल पर बहस को जानबूझकर लंबा खींच सकते हैं, ताकि उस पर वोटिंग देर से हो या बिल्कुल न हो पाए।

              अमेरिकी सीनेट में किसी भी प्रस्ताव पर बहस खत्म करने और वोटिंग कराने के लिए ‘क्लोटर’ नाम की प्रक्रिया होती है। इसके लिए कम से कम 100 में से 60 सीनेटरों का समर्थन जरूरी होता है।

              इसी वजह से ट्रम्प का फंडिंग बिल अटका हुआ है। विपक्ष इस नियम का इस्तेमाल सिर्फ कानून पास होने से रोकने के लिए करता है, भले ही मुद्दा कितना भी जरूरी क्यों न हो।

              फिलिबस्टर का मकसद है अल्पसंख्यक दल को भी कानून निर्माण में अपनी बात रखने का अधिकार मिले। कोई भी पार्टी सिर्फ अपनी संख्या के दम पर तानाशाही न करे।

              हालांकि इसमें नुकसान यह है कि इसका इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जाता है। 4 साल पहले जब बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी सत्ता में थी तब वे भी इसे खत्म करना चाहते थे। लेकिन ट्रम्प की रिपब्लिकन ने इसका विरोध किया था।

              अमेरिका में शटडाउन के चर्चित मामले

              • 2013 में अमेरिका के साथ 8,891 किमी लंबी कनाडा सीमा की देखभाल करने वाला सिर्फ 1 शख्स था। उस पर ही पूरे बॉर्डर इलाके की साफ-सफाई की जिम्मेदारी थी। बाकी सारे कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया था।
              • अमेरिका के सवा लाख सैनिक (ज्यादातर पहले और दूसरे विश्वयुद्ध) दूसरे देशों में मारे गए हैं। ये दुनियाभर के 24 कब्रिस्तानों में दफन हैं। इनमें से 20 यूरोप में हैं। इनकी देखभाल का खर्च अमेरिकी सरकार उठाती है। 2013 में शटडाउन होने पर ये सारे कब्रिस्तान बंद कर दिए गए थे।
              • 2018 के शटडाउन में वेतन नहीं मिलने की वजह से कई कर्मचारी एयरपोर्ट पर काम करने नहीं जा रहे थे जिस वजह से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं।
              • 2018 के शटडाउन में FBI डायरेक्टर ने चेतावनी दी कि उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं, जिस वजह से उनके काम में दिक्कतें आ रही हैं।

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