रायपुर : प्रोजेक्ट उन्नति से संवर रहा भविष्य

            • मनरेगा श्रमिकों के परिवार अब बनेंगे कुशल राजमिस्त्री

            रायपुर: बस्तर में जिला प्रशासन ने मनरेगा श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप एक सराहनीय और महत्वपूर्ण पहल की है। प्रोजेक्ट उन्नति फेज-2 के तहत अब उन श्रमिक परिवारों के सदस्यों को हुनरमंद बनाया जा रहा है, जिन्होंने मनरेगा योजना के अंतर्गत न्यूनतम 60 दिनों का रोजगार पूरा कर लिया है। इसी उद्देश्य के साथ जिले में राजमिस्त्री (मेसन) प्रशिक्षण के दूसरे बैच का शुभारंभ किया गया है।

            इस विशेष पहल के तहत चयनित 30 प्रतिभागियों को 30 दिनों का आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान युवाओं को उपमुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशों के अनुसार केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने का तरीका भी सिखाया जाएगा। विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को राजमिस्त्री कार्य की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराने के साथ-साथ अपने हाथों से सीमेंट का गारा तैयार करने और ईंट जुड़ाई जैसे कार्यों का सघन व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) अभ्यास कराया जा रहा है।

            शासन का यह प्रयास महज एक कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं के जीवन को एक नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवा अब साधारण मजदूरी से ऊपर उठकर आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़े हैं और निर्माण के क्षेत्र में अपना भविष्य गढ़ने के लिए तैयार हो रहे हैं।


                          Hot this week

                          Related Articles

                          Popular Categories