रायपुर : मत्स्य पालन से आर्थिक समृद्धि की राह : श्रीराम मछुआ सहकारी समिति बनी ग्रामीण सशक्तिकरण की मिसाल

            रायपुर: मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कपुआ में स्थित श्रीराम मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, चंद्रगढ़ी ने शासकीय योजनाओं के माध्यम से मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर आर्थिक समृद्धि की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। समिति ने मछली पालन को व्यवसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए उत्पादन में निरंतर वृद्धि की है और वर्तमान में इससे प्रतिवर्ष 2.50 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की जा रही है।

            समिति के सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 10 सदस्यों के किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत कराए गए, जिससे पूंजी की सुलभता बढ़ी और उत्पादन लागत में कमी आई। इसके साथ ही, सदस्यों को 10 दिवसीय मत्स्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान किया गया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप समिति ने लगभग 1.50 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित की, जिससे सदस्यों की आजीविका में सुधार हुआ है।

            श्रीराम मछुआ सहकारी समिति ने मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन में योजनाबद्ध ढंग से कार्य प्रारंभ किया। इसके फलस्वरूप समिति को टॉर बाँध, दर्री तालाब, मरघट तालाब, पैठू तालाब, डोजर बाँध, पीपरहा तालाब एवं गोठान तालाब सहित कुल 21.087 हेक्टेयर जल क्षेत्र में मत्स्य पालन का आबंटन प्राप्त हुआ। आज श्रीराम मछुआ सहकारी समिति न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ स्थिति में है, बल्कि क्षेत्र के अन्य मत्स्य समूहों के लिए एक आदर्श बन गई है। पारंपरिक पेशे को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयासों से जोड़कर समिति ने यह सिद्ध किया है कि उचित मार्गदर्शन, योजनाबद्ध कार्यप्रणाली और सामूहिक प्रतिबद्धता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सकती है।


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