नई दिल्ली: ईरान में जारी हिंसा के बीच फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। कुछ लोग भारत सरकार की पहल से लौटे, तो कुछ अपने खर्च पर वापस आए।
दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजन से मिलते ही कई नागरिक फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान ईरान में हालात कैसे बिगड़े। ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा, ‘वहां हालात बहुत खराब हैं। हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।’
ईरान से लौटी एक मेडिकल स्टूडेंट ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह निजी फ्लाइट से खुद दिल्ली पहुंची।
भारत सरकार ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी करके भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने को कहा था। भारत सरकार के प्रयासों से निजी फ्लाइट के जरिए नागरिक वापस लौटे हैं।

ईरान से लौटे भारतीयों के स्वागत के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके परिवार मौजूद थे।
ईरान में दो हफ्तों से जारी हिंसा में 3 हजार से ज्यादा मौतें
ईरान में वहां की करेंसी ‘रियाल’ के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने और महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 में प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।
ईरान ने 14 जनवरी को अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसके बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द से ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। ईरान ने 15 जनवरी अपना एयरस्पेस खोला, जिसके बाद कई भारतीय अपने देश लौटे।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा- हमारे लगभग 9,000 नागरिक इस समय ईरान में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश छात्र हैं। वहां के हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर हमने भारतीय नागरिकों को वहां उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया
इससे पहले, गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे भारतीय लोगों के लिए एक एडवाइजरी की थी। सरकार ने भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने पास तैयार रखने को कहा था।
भारतीय दूतावास ने लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी किया है। ईरान में भारतीय लोगों को +989128109115; +989128109109, +989128109102 और +989932179359 पर संपर्क करने को कहा गया है। ईमेल एड्रेस cons.tehran@mea.gov.in पर मदद ली जा सकती है।
भारत सरकार की यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

तेहरान में लोग डिजिटल ब्लैकआउट के कारण जानकारी साझा नहीं कर पा रहे है।
ईरान में हुए प्रदर्शन का कारण जानिए…
ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा कई कारणों से भड़की है। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं।
- महंगाई और आर्थिक संकट: ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत इतिहास में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 1,455,000 से 1,457,000 रियाल (ओपन मार्केट रेट) हो गई है। चाय, ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजें भी बहुत महंगी हो गईं (महंगाई 50-70% से ज्यादा)।
- व्यापारियों की हड़ताल: 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बड़े बाजार के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध शुरू किया, जो तेजी से पूरे देश में फैल गया। लोग बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान हैं।
- सरकार के खिलाफ गुस्सा: लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक की पूरी व्यवस्था के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। कई लोग पुरानी राजशाही (शाह का शासन) वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
- कठोर कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने लाइव फायरिंग, गोलियां चलाईं, जिससे हजारों मौतें हुईं (अनुमान 2,000 से 12000 तक, विभिन्न स्रोतों के अनुसार)। इंटरनेट और फोन बंद कर दिए गए, जिससे हिंसा और बढ़ी।
- अंतरराष्ट्रीय तनाव: ईरान सरकार, अमेरिका और इजराइल को हिंसा भड़काने का जिम्मेदार बता रही है। ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और हस्तक्षेप की धमकी दी थी।

(Bureau Chief, Korba)





