Sunday, February 8, 2026

            वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये

            नई दिल्ली (BCC NEWS 24): वेदांता लिमिटेड ने आज 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 रुपये करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने अब तक का रिकॉर्ड एबिट्डा 15,171 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एबिट्डा मार्जिन 629 बेसिस पॉइंट्स के विस्तार के साथ 41 प्रतिशत तक पहुंच गया। वेदांता ने अब तक का सर्वाधिक त्रैमासिक राजस्व 45,899 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

            वेदांता का नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड 27 फीसदी पर रहा, इसमें सालाना 296 बीपीएस  की बढ़ोतरी हुई। वेदांता के डिमर्जर से जुड़े एनसीएलटी आदेश के बाद, क्रिसिल और इक्रा दोनों ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को एए स्तर पर बरकरार रखा है।

            आयरन ओर के कारोबार ने 1.2 मिलियन टन का त्रैमासिक सीलेबल ओर उत्पादन दर्ज किया, जिसमें 3 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। वहीं पिग आयरन का उत्पादन 6 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के बाद 229 किलोटन पर पहुंचा। कॉपर कैथोड़ का उत्पादन सालाना बढ़कर 45 किलोटन पर पहुंच गया, यह पिछले सात सालों में अधिकतम त्रैमासिक उत्पादन रहा। फेरो क्रोम का उत्पादन 32 फीसदी सालाना की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बाद 24 किलोटन पर पहुंचा। पावर व्यवसाय ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें बिक्री में सालाना आधार पर 61 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

            वेदांता ने तिमाही के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी को इसके प्रस्तावित डीमर्जर क लिए माननीय एनसीएलटी से अनुमोदन मिल गया है, जो दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।। वेदांता ने इनकैब इंडस्ट्रीज़ के अधिग्रहण के साथ कॉपर और एलुमिनियम में अपने डाउनस्ट्रीम फुटप्रिन्ट को मजबूत बना लिया है।

            कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग 30 प्रतिशत का कुल शेयरधारक प्रतिफल दर्ज किया, जो निफ्टी से 5x और निफ्टी मेटल सूचकांक से 2.7x बेहतर रहा, क्योंकि शेयरों ने बार-बार अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ। इसके अलावा, वेदांता ग्रुप ने उच्च-मूल्य क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक हासिल किए,  जिसके साथ कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 पर पहुंच गई है। कुल शेयरहोल्डर रिटर्न पिछले पांच सालों में 428 फीसदी रहा, जिससे कुल डिविडेंड यील्ड 73.5 फीसदी हो गई है। 


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