नई दिल्ली: सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में मैथ के पेपर पर छपे सिक्योरिटी क्यूआर कोड को स्कैन करने पर यू-ट्यूब की लिंक ओपन हो रही है। यह लिंक 39 साल पुराने इंग्लिश सॉन्ग ‘रिकरोल’ की है।
9 मार्च को हुए इस पेपर पर सीबीएसई ने कहा- क्यूआर स्कैन करने पर यू-ट्यूब लिंक ओपन हो रही है। लेकिन एग्जाम पेपर भी असली हैं। इस मामले में एग्जाम पेपर की सुरक्षा से समझौता नहीं हुआ है।
एग्जाम पेपर की ऑथेंटिसिटी सुरक्षित है और आगे की परीक्षाओं में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एग्जाम पेपर की वायरल तस्वीर…

9 मार्च को मैंथ्स का क्वेशन पेपर, जिसे स्कैन करने से गाने का लिंक खुल रहा हैं।

1987 का गाना ‘नेवर गोना गिव यू अप’, इंटरनेट पर ‘रिकरोल’ कहा जाता है।

सीबीएसई ने प्रेस रिलीज जारी कर गलती स्वीकार की। कहा – क्वेशन पेपर ऑथेंटिक, मामले की जांच की जाएगी।
वायरल फोटो की वजह से एग्जाम पेपर पर सवाल उठे
दरअसल, कुछ छात्रों का कहना था कि उनके स्कैन करने पर सच में यूट्यूब पर गाने कि लिंक खुल रही थीं। वहीं कुछ के स्कैन करने पर सिर्फ ‘ए’ और ‘क्यू’ जैसे साधारण लैटर साइन ही खुल रहे थे।
इससे कन्फ्यूजन हो गया कि वायरल स्क्रीनशॉट किसी एक-दो मामलों का है, तकनीकी गड़बड़ी है या सोशल मीडिया पर फैली फेक खबर। वहीं छात्रों और उनके माता-पिता ने एग्जाम पेपर कि ऑथेंटिसिटी पर भी सवाल उठाए।
पेपर की ऑथेंटिसिटी के लिए सिक्योरिटी क्यूआर कोड लगाया जाता है
क्यूआर कोड किसी डॉक्युमेंट या क्वेशन पेपर की पहचान और ऑथेंटिसिटी के लिए लगाया जाता है। इसे स्कैन करने पर आमतौर पर पेपर का सेट नंबर, सीरियल नंबर या एन्क्रिप्टेड जानकारी रखता है। इससे पता चलता है कि डॉक्युमेंट असली है या नहीं। उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

(Bureau Chief, Korba)




