BREAKING: अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ ‘नो किंग्स रैली’ में 80 लाख लोग जुटे; 50 राज्यों में 3300 जगह प्रदर्शन, ईरान वॉर और महंगाई को लेकर पद से हटाने की मांग

              वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ हुए ‘नो किंग्स रैली’ में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए।

              आयोजकों ने बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले नो किंग्स प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और लगभग 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए।

              प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे ट्रम्प सरकार की कई नीतियों से नाराज हैं। उनका गुस्सा खास तौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव, सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई और बढ़ती महंगाई को लेकर है। कई जगहों पर लोगों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर दिखाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की।

              ट्रम्प के खिलाफ अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 3 बार नो किंग्स प्रदर्शन हो चुके हैं। पहला बड़ा प्रदर्शन जून 2025 में आयोजित किया गया। इसके बाद अक्टूबर 2025 में दूसरा प्रोटेस्ट हुआ। जबकि तीसरा प्रोटेस्ट 28 मार्च यानी कल हुआ।

              अमेरिका के बोस्टन शहर में नो किंग्स प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ का ड्रोन फुटेज।

              अमेरिका के लॉस एंजिलिस में प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।

              अमेरिका के लॉस एंजिलिस में प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।

              न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर और मैनहट्टन इलाके में भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। कई प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प की फोटो के साथ एपस्टीन लिखे हुए पोस्टर लहराए।

              न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर और मैनहट्टन इलाके में भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। कई प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प की फोटो के साथ एपस्टीन लिखे हुए पोस्टर लहराए।

              मिनेसोटा के मिनियापोलिस और सेंट पॉल में करीब 2 लाख लोगों ने ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया।

              मिनेसोटा के मिनियापोलिस और सेंट पॉल में करीब 2 लाख लोगों ने ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया।

              अमेरिका के ओरेगन राज्य के पोर्टलैंड में प्रदर्शन के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) के दफ्तर के बाहर अमेरिकी झंडा जला दिया।

              अमेरिका के ओरेगन राज्य के पोर्टलैंड में प्रदर्शन के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) के दफ्तर के बाहर अमेरिकी झंडा जला दिया।

              अमेरिका में ज्यादातर जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन लॉस एंजिलिस में कुछ जगहों पर हालात बिगड़ गए। वहां कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।

              अमेरिका में ज्यादातर जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन लॉस एंजिलिस में कुछ जगहों पर हालात बिगड़ गए। वहां कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।

              अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में “नो किंग्स” प्रदर्शन के दौरान लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले के जरिए अपना विरोध जताया।

              अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में “नो किंग्स” प्रदर्शन के दौरान लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले के जरिए अपना विरोध जताया।

              अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में “नो किंग्स” प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी लोगों से अपने ऊपर नकली खून डालने की अपील कर रही थी।

              अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में “नो किंग्स” प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी लोगों से अपने ऊपर नकली खून डालने की अपील कर रही थी।

              अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने समुद्र तट पर एक बड़ा मानव बैनर बनाया, जिसमें 'ट्रम्प मस्ट गो नाउ' लिखा था।

              अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने समुद्र तट पर एक बड़ा मानव बैनर बनाया, जिसमें ‘ट्रम्प मस्ट गो नाउ’ लिखा था।

              अमेरिका के बाहर ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन की तस्वीरें

              ग्रीस की राजधानी एथेंस में अमेरिकी दूतावास के बाहर युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यह अमेरिका में चल रहे “नो किंग्स” आंदोलन के समर्थन में था।

              ग्रीस की राजधानी एथेंस में अमेरिकी दूतावास के बाहर युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यह अमेरिका में चल रहे “नो किंग्स” आंदोलन के समर्थन में था।

              इटली की राजधानी रोम में “नो किंग्स” विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कई बड़े नेताओं के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मिलोनी और डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किए।

              इटली की राजधानी रोम में “नो किंग्स” विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कई बड़े नेताओं के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मिलोनी और डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किए।

              फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक महिला स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के रूप में तैयार होकर प्रदर्शन में शामिल हुई।

              फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक महिला स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के रूप में तैयार होकर प्रदर्शन में शामिल हुई।

              ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन करते नेता और सेलिब्रिटी

              मिनेसोटा राज्य में डेमोक्रेट नेता बर्नी सैंडर्स ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प और नेतन्याहू ने अमेरिका को ईरान के साथ एक ऐसे युद्ध में धकेल दिया जो असंवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

              मिनेसोटा राज्य में डेमोक्रेट नेता बर्नी सैंडर्स ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प और नेतन्याहू ने अमेरिका को ईरान के साथ एक ऐसे युद्ध में धकेल दिया जो असंवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

              मिनेसोटा राज्य में अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने ट्रम्प के खिलाफ "नो किंग्स" रैली में लोगों को संबोधित किया।

              मिनेसोटा राज्य में अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने ट्रम्प के खिलाफ “नो किंग्स” रैली में लोगों को संबोधित किया।

              मिनेसोटा राज्य की राजधानी सेंट पॉल में सिंगर मैगी रोजर्स और जोन बेज ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन करते हुए परफार्म किया।

              मिनेसोटा राज्य की राजधानी सेंट पॉल में सिंगर मैगी रोजर्स और जोन बेज ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन करते हुए परफार्म किया।

              सिंगर ब्रूस स्प्रिंग्सटीन ने भी सेंट पॉल में ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के खिलाफ परफॉर्म किया।

              सिंगर ब्रूस स्प्रिंग्सटीन ने भी सेंट पॉल में ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के खिलाफ परफॉर्म किया।

              व्हाइट हाउस बोला- प्रदर्शन से लोगों को फर्क नहीं पड़ता

              व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को ‘थेरेपी सेशन’ बताते हुए कहा कि आम लोगों को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। वहीं ट्रम्प का कहना है कि उनके फैसले देश को मजबूत बनाने के लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे ‘राजा’ नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।

              सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी ट्रम्प के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है। पेरिस, लंदन और लिस्बन जैसे शहरों में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।


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