हरियाणा: पानीपत में आसाराम केस का मुख्य गवाह गिरफ्तार, ब्लैकमेलिंग कर सरपंच से ₹70 लाख हड़पे; आरोपी के भाई- भतीजे और मां पर भी FIR

              हरियाणा: पानीपत में आसाराम केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महेंद्र ने एक केस में सरपंच से ब्लैकमेल कर 70 लाख रुपए हड़प लिए। रुपए देने के बाद भी आरोपी 80 लाख रुपए की डिमांड करता रहा।

              महेंद्र को रुपए देने की अब एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति बैग ले जाता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि महेंद्र का भाई एक मीडिएटर के घर से बैग में 70 लाख रुपए कैश ले गया।

              सीआईए ने मामले में कार्रवाई करते हुए महेंद्र, भाई देवेंद्र और भतीजे राम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस ने महेंद्र की मां गोपाली देवी के खिलाफ भी FIR दर्ज कर ली है।

              महेंद्र चावला की गवाही पर आसाराम को कोर्ट ने सजा सुनाई थी- फाइल फोटो।

              महेंद्र चावला की गवाही पर आसाराम को कोर्ट ने सजा सुनाई थी- फाइल फोटो।

              जानिए महेंद्र ने कैसे ठगे ₹70 लाख

              • महेंद्र की मां भी केस में शामिल: इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। शिकायतकर्ता भगत सिंह के अनुसार, महेंद्र और सनौली गांव के सरपंच संजय त्यागी का कोई कोर्ट केस चल रहा है। इसी को लेकर महेंद्र की मां गोपाली देवी उनके पास आई। उन्होंने कहा कि हमारे मुकदमे में करीब एक करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं।
              • स्टाम्प पेपर पर साइन कराए: भगत सिंह के अनुसार, गोपाली देवी ने कहा- अगर वो सरपंच संजय से उन्हें ये रुपए दिला दे तो वे कोर्ट में संजय के पक्ष में गवाही दे देंगे। इसके बाद भगत सिंह ने सरपंच संजय से संपर्क करना शुरू किया। महेंद्र का पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ भी एक केस चल रहा है। इस केस में उसने सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज FIR में समझौते के लिए 101 रुपए के स्टाम्प पेपर पर साइन कर दिए।
              • मीडिएटर के घर से 70 लाख लिए: भगत सिंह ने बताया कि इन केस में समझौता करने के बदले महेंद्र को 1 मार्च को 70 लाख रुपए दिए। महेंद्र का भाई देवेंद्र और उसका बेटा राम इन रुपयों को एक मीडिएटर के घर से ले गया। जिसकी सीसीटीवी फुटेज हमने पुलिस को सौंप दी है।
              पानीपत में आरोपियों को कोर्ट में पेश करने पहुंची पुलिस।

              पानीपत में आरोपियों को कोर्ट में पेश करने पहुंची पुलिस।

              आसाराम से कैसे जुड़ा महेंद्र

              पानीपत के सनौली खुर्द गांव का रहने वाला महेंद्र 1996 में आसाराम से जुड़ा है। काफी दिनों तक आसाराम के अहमदाबाद और सूरत आश्रम में भी उनके साथ रहा। परिजनों के अनुसार, महेंद्र 2006 में वापस गांव लौट गया। 2008 में आसाराम के अहमदाबाद आश्रम में 2 बच्चों के मरने की घटना से महेंद्र आहत हुआ था।

              इसके बाद से ही उसने आसाराम से दूरी बनानी शुरू कर दी। जब दोनों आसाराम और बेटे नारामण साई पर दुराचार के आरोप लगे तो महेंद्र आश्रम से अलग रहने ला। साल 2013 में एक नाबालिग ने आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, इस केस में महेंद्र चावला ने गवाही दी थी।

              सरपंच के पक्ष में दी गवाही

              शिकायतकर्ता भगत सिंह ने बताया कि 2 मार्च को महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में गवाही दी। उस समय उसने कोर्ट में अपने ही परिचितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने और रुपए हड़पने की प्लानिंग शुरू की। 5 मार्च को अगली तारीख पर पेश न होने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करा दिया।

              3 पॉइंट में पढ़िए…क्यों मुकरा महेंद्र चावला

              1. 80 लाख की अतिरिक्त मांग: गिरफ्तारी वारंट के बाद 16 मार्च की रात महेंद्र मीडिएटर के घर पहुंचा। वहां उसने कहा कि सरपंच संजय त्यागी से पंचायत में एक प्रस्ताव पेश करवाया जाए, जिसमें दुकान गिराने का ऑर्डर दिया जाए। हालांकि यह सामने नहीं आया कि महेंद्र ये दुकानें क्यों गिरवाना चाहता था।
              2. अगले दिन प्रस्ताव पेश हुआ: भगत सिंह ने बताया कि अगले ही दिन पंचायत से ये प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन इसके बाद महेंद्र ने 18 मार्च को 80 लाख रुपए और देने की डिमांड की। धमकी दी कि अगर ये पैसे नहीं मिले तो कोर्ट में वह झूठी गवाही देगा। उसने कहा कि सरपंच करोड़पति है, 80 लाख रुपए देना उसके लिए बड़ी बात नहीं है।
              3. कोर्ट में फिर बदली गवाही: भगत सिंह ने आगे बताया कि हमने महेंद्र 80 लाख रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने 19 मार्च को कोर्ट में अपनी पुरानी गवाही बदलकर सबके खिलाफ बयान दे दिया।
              चांदनी बाग थाना पुलिस ने महेंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

              चांदनी बाग थाना पुलिस ने महेंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

              महेंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई

              15 अप्रैल को भगत सिंह ने महेद्र के खिलाफ चांदनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें आरोप लगाया कि महेंद्र, उसके भाई देवेंद्र और उसके बेटे राम, मां गोपाली देवी ने ब्लैकमेल कर उनसे 70 लाख रुपए हड़प लिए। इसके बाद और रुपयों की भी डिमांड की गई। रुपए न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

              DSP बोले- तीन लोगों को गिरफ्तार किया

              DSP हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने बताया कि चांदनी बाग थाना में दर्ज ब्लैकमेलिंग के एक मुकदमे में महेंद्र चावला, देवेंद्र चावला और राम को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रुपए लेने से संबंधित वीडियो की भी जांच की जा रही है।


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