काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं।
BBC के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि राजधानी असदाबाद में घरों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया।
तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया है कि ये हमले पाकिस्तान की तरफ से किए गए।
उनका कहना है कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुए इन हमलों में मोर्टार और रॉकेट दागे गए। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं।
पाकिस्तान के 6 सैनिकों की मौत, एक बंधक
इससे पहले रविवार को अफगानिस्तान के कंधार इलाके में पाकिस्तान के साथ सीमा पर फिर हिंसक झड़प की घटना हुई थी। खामा प्रेस ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि स्पिन बोल्डक इलाके में रात के दौरान दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई।
इसमें पाकिस्तान के छह सैनिक मारे गए। तालिबानी लड़ाके एक सैनिक को बंधक बनाकर ले गए। पाकिस्तानी सैनिकों के हथियार भी लेकर चले गए।
हालांकि, इन दावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि देर रात पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार फायरिंग हुई, जिसमें एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद तालिबान ने जवाबी हमला किया।
मार्च में दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ
दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान ने मार्च में राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर भी हमला किया था, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया था।
दोनों देशों के बीच मार्च में एक सीजफायर हुआ था, जिससे कई हफ्तों से चल रही खूनखराबे वाली झड़पें रुकी थीं, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। चीन के अलावा तुर्किए, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी इस विवाद को खत्म कराने की कोशिश कर चुके हैं।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर पाकिस्तानी हमले के बाद धमाके का फुटेज। फोटो 17 मार्च की है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस साल संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी।
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे।
इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।
पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों?
2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था।
TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है।
TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं।
2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।

(Bureau Chief, Korba)




