पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार बनते ही ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल के बायो बदले, ‘फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और 15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री लिखा

              कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया हैंडल के बायो बदल दिए। उन्होंने लिखा- ‘फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और 15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री।

              इससे पहले उनके बायो में फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, ऑनरेबल चीफ मिनिस्टर, पश्चिम बंगाल लिखा था।

              बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद ममता ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इनकार कर दिया। ममता ने इस्तीफा नहीं दिया। 7 मई को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है। इसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी थी

              ममता का फेसबुक प्रोफाइल अब-

              ममता का फेसबुक प्रोफाइल पहले:

              टीएमसी 15 साल सत्ता में रही

              2021 में 17वीं विधानसभा का चुनाव जीतकर ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं थीं। वे 2011 से लगातार सत्ता में रहीं। हालांकि, अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है। ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा।

              भाजपा को मिली है बड़ी जीत

              2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने कुल 293 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतीं। जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट गई। बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा।

              ममता समेत 22 मंत्री हारे

              • चुनाव में सीएम ममता समेत 35 मंत्रियों में से 22 चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है।
              • 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी।
              • साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11, पश्चिम मेदिनीपुर की 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं।

                              Hot this week

                              रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल

                              सुश्री पुष्पा साहू बनीं माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव,...

                              रायपुर : समस्याओं के त्वरित निराकरण से बढ़ता है लोगों का विश्वास

                              ’पाली ब्लॉक के बसीबार में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित’रायपुर...

                              Related Articles

                              Popular Categories