रायपुर : प्रधानमंत्री आवास बना बुढ़ापे का सहारा

              रायपुर (BCC NEWS 24): कोरिया जिले के ग्राम पंचायत बरदिया की रहने वाली बुजुर्ग विधवा महिला सरस्वती के लिए पक्का घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। वर्षों तक जर्जर कच्चे मकान में डर और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने वाली सरस्वती आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मिले नए घर में सुकून की जिन्दगी जी रही हैं।

              सरस्वती के जीवन में कठिनाइयों की कमी नहीं रही। पति स्वर्गीय आनन्दराम के निधन के बाद आर्थिक संकट और अकेलेपन ने उनकी जिंदगी को और कठिन बना दिया। दो बेटे होने के बावजूद पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वे अकेले रहकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उनका गुजारा वृद्धावस्था पेंशन और राशन योजना से मिलने वाली सहायता पर ही निर्भर था। सीमित आय के कारण वे अपने पुराने कच्चे मकान की मरम्मत तक नहीं करा पा रही थीं। बरसात के दिनों में टपकती छत और कमजोर दीवारें चिंता बढ़ा देती थीं। मौसम बदलते ही मन में डर बैठ जाता था कि कहीं मकान गिर न जाए।

              इसी बीच प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में उम्मीद की नई रोशनी बनकर आई। योजना के तहत स्वीकृत पक्के मकान ने सरस्वती को न सिर्फ सुरक्षित आशियाना दिया, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीने का भरोसा भी लौटाया। अब उनका नया घर मजबूत दीवारों, सुरक्षित छत और बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित है। सरस्वती भावुक होकर कहती हैं कि यह घर उनके बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा बन गया है। वे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार जताते हुए कहती हैं कि अब उन्हें बारिश और आंधी का डर नहीं सताता। पक्के घर ने उनकी जिंदगी में सुरक्षा, सुकून और नई उम्मीद ला दी है।


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