बीजिंग: चीन के शांक्सी प्रांत में एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा चीन में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा माना जा रहा है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक विस्फोट शुक्रवार को शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी में हुआ। यह इलाका बीजिंग से करीब 520 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। हादसे से पहले खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का अलर्ट जारी किया गया था। इसके कुछ समय बाद जोरदार विस्फोट हुआ।
जिस समय धमाका हुआ, उस वक्त खदान के अंदर 247 मजदूर काम कर रहे थे। अभी यह साफ नहीं है कि कितने लोग अब भी अंदर फंसे हुए हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है।
हैरानी की बात यह है कि हादसे के तुरंत बाद शिन्हुआ ने शुरुआती रिपोर्ट में सिर्फ आठ मौत की जानकारी दी थी और कहा था कि 200 से ज्यादा मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाद में अचानक मृतकों की संख्या बढ़कर 82 बताई गई। सरकारी मीडिया ने यह साफ नहीं किया कि आंकड़ा इतनी तेजी से कैसे बढ़ा।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे के बाद बचाव टीमों को लापता लोगों को खोजने के लिए हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें…

चीन में हादसे वाली जगह पर पहुंची रेस्क्यू वर्कर्स की टीम।

घायलों को एम्बुलेंस की तरफ ले जाते बचाव दल के लोग।

हादसे वाली जगह की ड्रोन इमेज, यहां पर बड़ी संख्या में एम्बुलेंस नजर आ रही है।

खदान हादसे में घायलों को हॉस्पिटल लेकर जाती एम्बुलेंस।
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से धमाके की आशंका
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया था। माना जा रहा है कि इसी वजह से विस्फोट हुआ। फिलहाल हादसे के असली कारण की जांच की जा रही है।
जिनपिंग ने कहा कि सभी क्षेत्रों और सरकारी विभागों को इस हादसे से सबक लेना चाहिए, कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए और बड़े हादसों को रोकने के लिए जोखिमों की पूरी जांच करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन में बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए बाढ़ रोकथाम और आपदा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
जिनपिंग बोले- लोकल अधिकारियों को जिम्मेदारी याद दिलाएं
जिनपिंग ने चीन की स्टेट काउंसिल के सुरक्षा विभाग से भी कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाए। उन्होंने निर्देश दिया कि हर हादसे की गंभीर जांच हो और भविष्य में ऐसे हादसों को हर हाल में रोका जाए।
वहीं, चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग ने भी कहा कि लापता मजदूरों को खोजने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने हादसे की वजह की जल्द जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की बात कही।
उपप्रधानमंत्री हादसे वाली जगह पर पहुंचे
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक उपप्रधानमंत्री झांग गुओकिंग और स्थानीय प्रशासन के सीनियर अधिकारी भी हादसे वाली जगह पर पहुंचे। वे राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं और आपातकालीन कामों का निर्देशन कर रहे हैं।
चीन ने बीते कुछ साल में खदान सुरक्षा नियमों को सख्त किया है, इसके बावजूद वहां खदान हादसे लगातार होते रहे हैं। कोयला उत्पादन बढ़ाने के दबाव और कई जगह सुरक्षा मानकों में लापरवाही को इसकी बड़ी वजह माना जाता है।
इससे पहले फरवरी 2023 में इनर मंगोलिया के शिनजिंग इलाके में एक ओपनकास्ट खदान में भूस्खलन हुआ था, जिसमें 53 मजदूरों की मौत हुई थी।
शांक्सी प्रांत में पहले भी बड़े हादसे हो चुके हैं
शांक्सी प्रांत चीन का सबसे बड़ा कोयला उत्पादन क्षेत्र माना जाता है। देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा यहीं की खदानों से पूरा होता है। हालांकि, लगातार उत्पादन के दबाव की वजह से यहां सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं।
पिछले महीने भी शांक्सी के लुलियांग इलाके में एक खदान हादसा हुआ था, जिसमें चार मजदूरों की मौत हो गई थी। अब ताजा विस्फोट ने एक बार फिर चीन की खदान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चीन में अब भी एनर्जी के लिए बड़े पैमाने पर कोयले का इस्तेमाल किया जाता है। देश की आधे से ज्यादा एनर्जी जरूरतें कोयले से पूरी होती हैं।

(Bureau Chief, Korba)




