अहिल्यानगर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को महाराष्ट्र के शिर्डी में कहा कि अगले 25-30 साल में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन सकता है। उन्होंने कहा कि जो देश कभी हथियार खरीदता था, उसे अब दुनिया का सबसे बड़ा हथियार बेचने वाला देश बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।
राजनाथ सिंह गोला-बारूद बनाने वाली फैक्ट्री के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा उत्पादन में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 50% तक बढ़ाना चाहती है।

राजनाथ सिंह ने शिर्डी में सांई बाबा के दर्शन किए।
जब सोच और नई तकनीक साथ आती है, तो देश तेजी से बढ़ता है
उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां अब सिर्फ छोटे-छोटे पुर्जे नहीं बना रहीं, बल्कि आधुनिक हथियार और रक्षा सिस्टम भी तैयार कर रही हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि जब सरकार की सोच और निजी क्षेत्र की नई तकनीक साथ आती है, तो देश तेजी से आगे बढ़ता है। उन्होंने सभी से मिलकर भारत को गोला-बारूद और ऑटोमेशन का बड़ा केंद्र बनाने की अपील की।

200 एकड़ में 6 डोम, तोप के गोले से ड्रोन तक
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित शिर्डी साईं मंदिर से करीब 12 किलोमीटर दूर राज्य कृषि विकास निगम की बंजर जमीन पर तेजी से ‘शिर्डी डिफेंस कॉम्प्लेक्स’ आकार ले रहा है। यहां सड़कों का काम पूरा हो चुका है।
बड़े-बड़े डोम खड़े हैं और इंडियन आर्मी, नेवी, एयरफोर्स से जुड़ी सरकारी-निजी कंपनियों के 100 से ज्यादा प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शनिवार को इस डिफेंस क्लस्टर का उद्घाटन हुआ। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘ग्लोब फोर्ज’ ने इस कॉम्प्लेक्स के लिए 3 हजार करोड़ रुपए निवेश की बात कही है।
कॉम्प्लेक्स 200 एकड़ में फैला है। यहां आधा-आधा किलोमीटर के 6 बड़े डोम तैयार हैं। कंपनी के मुताबिक सालाना 5 लाख तोप के गोले बनाने के लिए 2 असेंबली लाइनें लगाई जा रही हैं। साथ ही डिफेंस ड्रोन और आरडीएक्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी खड़े किए जा रहे हैं। ग्लोब फोर्ज के एम.डी. गणेश निबे का कहना है कि ‘स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भरता’ नीति से एमएसएमई को बड़े मौके मिल रहे हैं।
महाराष्ट्र में डिफेंस क्लस्टर्स का बड़ा प्लान
ग्लोब फोर्ज पूरे जिलें में 10 हजार करोड़ रु. का निवेश करने का दावा कर रहा है। औद्योगिक विकास अधिकारी गणेश राठौड़ के मुताबिक समृद्धि महामार्ग, शिरडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल, जमीन-पानी की उपलब्धता के चलते सरकार शिर्डी डिफेंस क्लस्टर को ‘स्ट्रैटेजिक लोकेशन’ के तौर पर विकसित कर रही है। दावा है कि इससे 2,000 प्रत्यक्ष और 5,000 अप्रत्यक्ष रोजगार बनेंगे।

विदेशी कंपनियां भी ले रही हैं दिलचस्पी
इस क्लस्टर में टॉरेल इंडिया और ब्राजील की अकाएर जैसी कंपनियों ने भी प्लांट शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वे शुरू किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से समृद्धि महामार्ग के आसपास चाकन, मिहान, नाशिक एचएएल, शिर्डी, सुपे, श्रीगोंदा और छत्रपति संभाजीनगर को जोड़कर डिफेंस इकोसिस्टम खड़ा करने की योजना को तेज किया जा रहा है। इलाके में इसे ‘भक्ति और शक्ति’ के संगम के रूप में देखा जा रहा है।

इजराइल की कंपनी के साथ तकनीकी साझेदारी
इसी साल जनवरी में ‘निबे ऑर्डिनेंस’ के साथ स्वदेशी मिसाइल ‘सूर्यास्त्र’ के निर्माण के लिए ‘इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट’ समझौता हुआ। निबे ने इजराइल की एल्बिट कंपनी के साथ तकनीकी साझेदारी कर ‘सूर्यास्त्र’ तैयार की है, जिसका हाल में ओडिशा में सफल परीक्षण हुआ। अब इस मिसाइल का हार्डवेयर शिर्डी के इसी डिफेंस कॉम्प्लेक्स में बनाने की तैयारी है।


(Bureau Chief, Korba)




