लंदन: ब्रिटेन के सांसद रूपर्ट लोव ने भारतीय और पाकिस्तानी प्रवासियों को लेकर विवादित बयान दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि ये लोग ब्रिटिश नागरिकों की नौकरियां छीन रहे हैं और देश की सांस्कृतिक पहचान बदल रहे हैं। बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें नस्लभेदी बताया जा रहा है।
ग्रेट यारमाउथ से सांसद लोव ने X पर लिखा, “मुझे नहीं लगता कि हमें लाखों पाकिस्तानी और भारतीयों को ऐसे कामों के लिए लाना चाहिए, जो बेरोजगार ब्रिटिश नागरिक कर सकते हैं। अगर इससे मुझे नस्लभेदी कहा जाता है, तो ठीक है।”
लोव हाल ही में रिफॉर्म यूके पार्टी से अलग हुए हैं और रिस्टोर ब्रिटेन नाम से नया राइट विंग राजनीतिक संगठन शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के कुछ इलाके अब विदेशी देश जैसे लगते हैं। मैनचेस्टर के कुछ हिस्सों को उन्होंने इस्लामिक बताते हुए इमिग्रेशन को कॉलोनाइजेशन कहा। उन्होंने बुर्का, शरिया कोर्ट, हलाल स्लॉटर और सार्वजनिक नमाज पर भी आपत्ति जताई।
लोव ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो बुर्का, कजिन मैरिज और सार्वजनिक जगहों पर किरपान पर रोक लगाएगी।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की 19% वर्कफोर्स विदेश में जन्मे लोगों की है। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रवासी सिर्फ नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं करते, बल्कि अर्थव्यवस्था और नए रोजगार भी पैदा करते हैं। लोव के बयान के बाद ब्रिटेन में इमिग्रेशन और नस्लभेद को लेकर बहस तेज हो गई है।

(Bureau Chief, Korba)




