रायपुर : नवा तरिया से संवर रहा मेण्ड्रा का भविष्य, जल संरक्षण के साथ मिल रहा रोजगार

              मोर गांव मोर पानी महाभियान से ग्रामीणों को आजीविका का सहारा, 140 से अधिक श्रमिकों को प्रतिदिन मिल रहा काम

              रायपुर (BCC NEWS 24): प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रारंभ किए गए ‘मोर गांव मोर पानी‘ महाभियान के तहत कोरिया जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वनांचल क्षेत्र के जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत मेण्ड्रा में मनरेगा के तहत नवा तरिया निर्माण कार्य तेजी से जारी है। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशन में संचालित इस कार्य को आगामी 15 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच एवं पंचों के नेतृत्व में गांव के पंजीकृत श्रमिक पूरी सक्रियता के साथ निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं।

              नवा तरिया से संवर रहा मेण्ड्रा का भविष्य, जल संरक्षण के साथ मिल रहा रोजगार

              ग्रामीणों ने बताया कि नवा तरिया निर्माण कार्य का चयन ग्रामसभा की सहमति से किया गया है। भूमिपूजन के बाद से ही निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बारिश से पहले कार्य पूरा करने के लिए ग्रामीण एकजुट होकर काम कर रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से गांव के प्रत्येक पात्र अकुशल श्रमिक परिवार को मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध हो रहा है।

              मनरेगा के अंतर्गत इस कार्य के लिए 19 लाख 48 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 17 लाख 28 हजार रुपये श्रम मद में व्यय किए जाएंगे। ग्राम पंचायत मेण्ड्रा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। लगभग 60 मीटर लंबाई एवं 50 मीटर चौड़ाई वाले इस तालाब में निर्माण पूर्ण होने के बाद 6600 घनमीटर से अधिक जल भंडारण क्षमता विकसित होगी।

              परियोजना के तहत प्रस्तावित 6,624 मानव दिवसों में से अब तक 2,000 से अधिक मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 140 श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। नव निर्मित तालाब का प्रत्यक्ष लाभ आसपास के 25 परिवारों को मिलेगा। इसके माध्यम से लगभग 5 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को बहुफसलीय खेती में मदद मिलेगी।

              कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रतीक ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद तालाब का संचालन स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को सौंपा जाएगा, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। तालाब में प्रतिवर्ष लगभग 13 से 15 क्विंटल मछली उत्पादन की संभावना है, जिससे ग्रामीणों की आय में अतिरिक्त वृद्धि होगी। इस प्रकार ‘मोर गांव मोर पानी‘ महाभियान के तहत मेण्ड्रा में बन रहा नवा तरिया जल संरक्षण, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।


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