रायपुर : नारायणपुर में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

              अबूझमाड़ एफपीओ की बैठक में कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू करने का निर्णय

              रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिला नारायणपुर के अंतर्गत ग्राम गुरिया में ‘अबूझमाड़ प्रोडक्शन समृद्धि महिला प्रोड्यूसर कंपनी’ (एफपीओ) की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में नारायणपुर की ग्रामीण महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए क्षेत्र में कृषि एवं आजीविका गतिविधियों को नए आयाम देने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। ​बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान/एनआरएलएम), नीति आयोग तथा पीपीआईए फेलो की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। इस दौरान एफपीओ की वर्तमान गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया।

              ​कस्टम हायरिंग सेंटर से घटेगी खेती की लागत

              संगठन निदेशक के नेतृत्व में महिलाओं ने कृषि विज्ञान केंद्र नारायणपुर के तकनीकी सहयोग से क्षेत्र में जल्द ही कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से किराए पर उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी। आगामी दिनों में एफपीओ के माध्यम से फसल उत्पादन वृद्धि, वैज्ञानिक उर्वरक प्रबंधन और *मिलेट (श्रीअन्न) प्रोसेसिंग जैसे उन्नत कार्यों को भी धरातल पर उतारा जाएगा।*

              ​मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर बाजार

              एनआरएलएम (बिहान) की टीम ने महिला एफपीओ को वनोपज एवं कृषि उत्पादों के संग्रहण, विपणन (मार्केटिंग) और नए किसानों को संगठन से जोड़ने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया हैl  ​अधिक से अधिक किसानों की क्षमता विकास के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।​इससे क्षेत्र के किसानों को न केवल आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें सीधे बाजार से जोड़कर उपज का सही मूल्य भी दिलाया जाएगा।

              ​आईआईएमआर हैदराबाद के सहयोग से मिले आधुनिक संसाधन

              बैठक में जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ के वनमंत्री श्री केदार कश्यप के विशेष प्रयासों से भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर), हैदराबाद के सहयोग से इस महिला एफपीओ को हाल ही में ट्रैक्टर, ट्रॉली, कल्टीवेटर और हैरो समेत कई महत्वपूर्ण कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन आधुनिक संसाधनों के आने से क्षेत्र में सामूहिक व्यावसायिक गतिविधियों, परिवहन व्यवस्था और कृषि कार्यों को एक नई गति मिलेगी, जो सीधे तौर पर महिलाओं की आय में वृद्धि करने और संगठन को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।


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