कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, परिवार को मिली सुरक्षा सम्मान और नई उम्मीद
रायपुर (BCC NEWS 24): प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम कोसला की निवासी श्रीमती दुजमति पटेल की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं किस प्रकार लोगों के सपनों को साकार कर रही हैं।
वर्षों तक सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाली श्रीमती दुजमति पटेल के लिए पक्का घर केवल एक सपना था। कच्चे मकान में रहने के कारण बरसात के दिनों में पानी टपकने, गर्मी और ठंड में असुविधाओं तथा परिवार की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाने का सपना संजोए रखा।
वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें आवास स्वीकृत हुआ। योजना के अंतर्गत प्राप्त 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि ने उनके सपनों को नई दिशा दी। शासन की मदद और परिवार के प्रयासों से उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। आज वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।
श्रीमती दुजमति पटेल बताती हैं कि पहले कच्चे मकान में जीवन कई चुनौतियों से भरा था, लेकिन अब पक्की छत मिलने से परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व का एहसास हुआ है। नए घर ने उनके जीवन में आत्मविश्वास और नई उम्मीद का संचार किया है।
आवास निर्माण के दौरान उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 90 दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ, जिससे परिवार की आय में वृद्धि हुई और आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली। इसके अलावा उन्हें महतारी वंदन योजना का नियमित लाभ भी मिल रहा है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल रही है।
श्रीमती दुजमति पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल एक पक्का घर ही नहीं दिया, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी दिया है। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन आ रहा है।

(Bureau Chief, Korba)




