रायपुर : हरित खाद से मिट्टी होगी अधिक उपजाऊ, किसानों को किया जा रहा जागरूक

          ढैंचा, सनई और मूंग के उपयोग से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता, रासायनिक उर्वरकों पर घटेगी निर्भरता

          रायपुर (BCC NEWS 24): किसानों को टिकाऊ एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा द्वारा हरित खाद (ग्रीन मैन्योरिंग) के उपयोग के संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टुटेजा के निर्देश तथा कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को हरित खाद के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी गई।

          कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि ढैंचा, सनई एवं मूंग जैसी दलहनी फसलों को 40 से 45 दिन की अवस्था में खेत में पलटकर हरित खाद के रूप में उपयोग किया जाता है। ये फसलें राइजोबियम जीवाणुओं की सहायता से वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर लगभग 50 से 55 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर भूमि में उपलब्ध कराती हैं, जिससे मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है।

          वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि हरित खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना मजबूत होती है, जल धारण क्षमता बढ़ती है तथा लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता में वृद्धि होती है। इससे फसल उत्पादन में सुधार होने के साथ भूमि की दीर्घकालीन उत्पादकता भी बनी रहती है। उन्होंने इसे कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली पर्यावरण अनुकूल खेती की प्रभावी तकनीक बताया।

          कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से खरीफ फसलों की बुवाई से पहले हरित खाद का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी, मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर बनेगा और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा के वैज्ञानिक श्री पांडु राम पैकरा, डॉ. एस.पी. गुप्ता, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. विवेक कुमार सांडिल्य, श्री लीलाधर साहू, श्री विरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।



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