रायपुर (BCC NEWS 24): धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन अंबिकापुर (सरगुजा) आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के तहत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण संवर्धन एवं प्रबंधन योजना को तैयार करने हेतु जिले में कार्यरत योग्य तकनीकी सहयोगी/सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन तथा स्थानीय संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस हेतु आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 तक तथा पात्रता की समीक्षा एवं चयन (डीएलएमसी द्वारा) 13 अगस्त 2026 को निर्धारित है। चयनित संस्थाएं ग्राम सभाओं के क्षमता विकास, वन भूमि सर्वेक्षण संसाधनों की मैपिंग (लघु वनोपज प्रबंधन) जैव विविधता मैपिंग और सामुदायिक वन ससाधन प्रबंधन समिति।को तकनीकी हैंडहोल्डिंग सहयोग प्रदान करेगी।
आवेदन के लिए अनिवार्य पात्रता एवं मापदंड इस प्रकार है कि संस्था द्वारा ग्राम सभाओं को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आजीविका संवर्धन एव वन प्रबंधन में सहयोग किया गया हो। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860/राज्य सोसायटी पंजीकरण या सार्वजनिक ट्रस्ट अथवा कंपनी अधिनियम 2013 के तहत गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। संस्था का गत वर्ष तक वित्तीय ऑडिट पूर्ण होना चाहिए। संस्था नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत हो। छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी जिलेध्विकासखण्ड में वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन कम से कम 03 वर्षों से कार्य अनुभव (सामुदायिक वन अधिकारों की मान्यता सीमांकन/मानचित्रण व प्रबंधन) होना अनिवार्य है। संस्था के चयन हेतु संबंधित ग्राम सभा के प्रस्ताव द्वारा लिखित अनुमोदन/सहमति प्राप्त होनी चाहिए।
इच्छुक एवं योग्य संस्थाएं अपने समस्त दस्तावेजों अनुभव प्रमाण-पत्रों एवं ग्राम सभा के लिखित अनुमोदन प्रस्ताव के साथ अपना आवेदन पत्र निर्धारित समय-सीमा में कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अम्बिकापर में प्रस्तुत कर सकते हैं। समय-सीमा के पश्चात प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए https://surguja.gov.in/ का अवलोकन कर सकते हैं।

(Bureau Chief, Korba)



