रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिले में गूंजा साक्षरता का संदेश

            मानव श्रृंखला, उल्लास शपथ और दीप प्रज्वलन से दिया ‘अंधेरे से उजाले की ओर’ बढ़ने का संदेश

            रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026 में प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य के साथ जनजागरूकता और वातावरण निर्माण के लिए आयोजित साक्षरता पखवाड़ा के अंतर्गत जिले में भी विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकासखण्डों में साक्षरता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

            कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शिक्षा और साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया गया कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में जागरूकता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करती है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर मानव श्रृंखला, उल्लास शपथ, जागरूकता कार्यक्रम सहित अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने सहभागिता की।

            दीप प्रज्वलन के माध्यम से अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के उजाले की ओर बढ़ने का संदेश

            अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर सायंकाल आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। दीप प्रज्वलित कर अज्ञानता और अशिक्षा रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, शिक्षा और साक्षरता के उजाले की ओर आगे बढ़ने का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए साक्षरता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

            मानव श्रृंखला और उल्लास शपथ के माध्यम से भी लोगों को अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने तथा साक्षरता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। विभिन्न विकासखण्डों में आयोजित गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर समुदाय की सहभागिता देखने को मिली।

            साक्षरता से आत्मनिर्भरता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का मार्ग

            साक्षरता पखवाड़ा के माध्यम से जिले में यह संदेश दिया जा रहा है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में व्यापक बदलाव का माध्यम है। साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों और दायित्वों को बेहतर ढंग से समझने के साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने में अधिक सक्षम होता है। साक्षरता से व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है और वह सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ता है। जिले को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रशासन द्वारा निरंतर जनजागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिलेवासियों से अपील की गई कि वे साक्षरता अभियान से जुड़ें और अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करें, ताकि सामूहिक प्रयासों से जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जा सके।


                          Hot this week

                          रायपुर : राज्योत्सव 2026 : वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार

                          बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी में वन...

                          Related Articles

                          Popular Categories