कोरबा: सामूहिक प्रयास और ऋण सहायता से सावित्री उरांव ने बढ़ाया कपड़ा व्यवसाय

        कोरबा (BCC NEWS 24): जिले के करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत सरगबुंदिया की सावित्री उरांव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को नई दिशा दी है। जय मां सरस्वती स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सावित्री पहले बाजार-हाट और चौक-चौराहों पर कपड़े बेचती थीं। सीमित पूंजी के कारण उनका कारोबार छोटा था और आमदनी भी कम होती थी।

        राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण और व्यवसाय के अवसरों की जानकारी मिली। समूह को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि और बैंक लिंकेज के माध्यम से आर्थिक सहयोग मिला। सावित्री ने भी समूह से मिली सहायता और ऋण का उपयोग कपड़ों का कारोबार आगे बढ़ाने में किया। दस्तावेज में दर्ज जानकारी के अनुसार, व्यक्तिगत ऋण और बैंक लिंकेज की राशि से उन्होंने दुकान का विस्तार किया।

        पहले जहां सावित्री की कृषि से सालाना आय लगभग 20 हजार रुपये और परिवार की कुल आय करीब 60 हजार रुपये थी, वहीं अब कपड़ा दुकान से उन्हें हर महीने लगभग 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। कारोबार बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और सावित्री अपने काम को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा रही हैं। सावित्री की यह यात्रा बताती है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ाव, सामूहिक सहयोग और समय पर मिली ऋण सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा अपनी आजीविका का विस्तार करने में मदद कर सकती है।



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