Monday, February 16, 2026

              पेट्रोल सूंघना पसंद है तो सावधान… सूंघते ही बाइक सवार युवक की गई जान, इसके असर से दिमाग सांस लेना भूल जाता है

              नई दिल्ली: झारखंड के देवघर जिले में साल 2021 में एक युवक की लाश उसकी बाइक पर पड़ी हुई मिली। युवक के शरीर पर कहीं भी चोट का कोई निशान नहीं था और न ही वह बीमार दिख रहा था। आदित्य नाम के उस युवक की लाश उसकी बाइक पर ही थी और नाक गाड़ी की टंकी से लगी थी। टंकी का ढक्कन खुला था। चाबी हाथ में थी। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर युवक की मौत हुई कैसे।

              पुलिस ने जब परिवार वालों को बुलाकर तहकीकात की तो पता चला की युवक नशे का आदी था और नशे के लिए पेट्रोल भी सूंघता था। घटना के वक्त भी वह पेट्रोल ही सूंघ रहा था। लेकिन पेट्रोल की गैस में मौजूद जहरीले तत्वों ने उस पर ऐसा असर किया कि उसकी बॉडी में ऑक्सीजन की सप्लाई ही रुक गई और वह जिस पोजिशन में था, उसी में उसकी मौत हो गई।

              आप सोच रहे होंगे कि भला पेट्रोल सूंघना कौन सा नशा है और यह इतना खतरनाक क्यों है। बता दें कि यह एक तरह की लत है। इसे अंग्रेजी में ‘पेट्रोल स्निफिंग’ कहते हैं। कई अफ्रीकी देशों में यह लत विकराल रूप ले चुकी है। अपने देश में भी कई लोग पेट्रोल सूंघने के शौकीन होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करना शौकिया और नॉर्मल है। लेकिन जाने-अनजाने वो एक खतरनाक लत के शिकार होते जा रहे हैं।

              पेट्रोल की गंध सांसें रोक सकती है। पेट्रोल सीधे नर्वस सिस्टम पर असर करता है, जिसके चलते दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है और तुरंत मौत हो सकती है।

              ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि लोग पेट्रोल और दूसरी अजीबोगरीब चीजें क्यों सूंघते हैं और इससे कैसा बचा जा सकता है।

              झारखंड के युवक की मौत बाइक से पेट्रोल सूंघते वक्त ही हो गई थी।

              झारखंड के युवक की मौत बाइक से पेट्रोल सूंघते वक्त ही हो गई थी।

              नर्वस सिस्टम को डैमेज करती है पेट्रोल की गंध, सांस लेना भी भूल जाता है दिमाग

              अगर पेट्रोल के करीब जाकर सांस ली जाए तो पेट्रोल में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड फेफड़े में जाते ही असर शुरू करती है और नर्वस सिस्टम को कमजोर करने लगती है। अगर यह गैस ज्यादा मात्रा में शरीर में चली जाए तो यह पूरे नर्वस सिस्टम को फेल कर सकती है। जिसके चलते इंसान को सांस लेने की भी सुध नहीं रहती है और शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जो उसकी मौत का कारण बनता है।

              इसके अलावा पेट्रोल सूंघने से चक्कर आना, डिप्रेशन, भूख की कमी, मल में खून आना, चिड़चिड़ापन, अंधापन, बेहोशी, सीने में जलन की भी समस्या हो सकती है।

              एक बार भी सूंघना है खतरनाक, राजस्थान में 12 साल के बच्चे को लगी लत, लोग कहते हैं ‘पेट्रोल मंत्री’

              पेट्रोल स्निफिंग एक तरह की बीमारी है। जो धीरे-धीर बीमार को अपने आगोश में लेती है। अगर किसी को पेट्रोल की गंध अच्छी लग रही है तो इसका मतलब है कि वह किसी न किसी स्तर पर पेट्रोल स्निफिंग से ग्रस्त है। ऐसे में उसके इस लत में पड़ने और बीमार होने की आशंका काफी ज्यादा होती है। पेट्रोल में मौजूद बेंजीन मीठी गंध का होता है, जो कई लोगों को पसंद आती है। लेकिन कई रिसर्च में साबित हो चुका है कि बेंजीन फेफड़े में जाने के बाद कैंसर का कारण बन सकता है और लोगों की इसकी आदत लग सकती है।

              राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया। जहां 12 साल के एक लड़के को पेट्रोल स्निफिंग की लत लग गई। शुरू में वह अपने घर और आसपास खड़ी गाड़ियों से पेट्रोल सूंघा करता। शुरुआत में घरवालों ने भी इस समस्या को उतनी गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन समय के साथ बच्चे की यह लत बढ़ती ही गई। एक वक्त बाद ऐसी स्थिति आई कि वह लड़का पेट्रोल सूंघने के लिए गांव-गांव घूमने लगा। उसे जहां भी बाइक खड़ी मिलती, उसकी टंकी से पेट्रोल सूंघता और मौका मिलने पर इंजन के पास के पाइप से पेट्रोल निकालकर पी भी लेता। उसकी इस लत के चलते गांव में लोग उसे ‘पेट्रोल मंत्री’ कहने लगे। वह लड़का पेट्रोल के नशे में इतना डूबा कि उसकी पढ़ाई भी शुरू नहीं हो पाई।

              पैसे की गड्डी और गाड़ी के धुएं की गंध को भी पसंद करते हैं कई लोग

              पेट्रोल के अलावा भी कई ऐसी अजीबोगरीब चीजें हैं, जिनकी गंध कई लोगों को अच्छी लगती है। बहुत लोगों को पुराने नोटों की गड्डी से आने वाली सीलन की गंध तो कई लोगों को गाड़ी से निकलते धुएं की गंध अच्छी लगती है।

              फिजीशियन डॉ. प्रशांत कुमार के मुताबिक किसी के ऐसा करने के पीछ शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों कारण हो सकता है। कई बार पेट्रोल, धुएं या किसी भी पुरानी चीज से निकली गंध में मौजूद गैस लोगों के नर्वस सिस्टम को स्लो कर देती है। जिसके चलते उनका माइंड रिलैक्स महसूस करता है। जबकि बॉडी पर इसका खतरनाक असर होता है।


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