
कंचन की शादी के समय का फोटो।
भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक नव विवाहिता कंचन राव (30 साल) ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना मिलने पर दो दिन बाद परिजन उत्तर प्रदेश से भिलाई पहुंचे। उनका आरोप है कि उनकी बेटी को पति, सास और देवर ने मारा। इसके बाद उसे फांसी पर लटका दिया। छावनी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतिका कंचन की बड़ी बहन शीला देवी ने भास्कर को बताया कि कंचन उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिला अंतर्गत जलालपुर की रहने वाली थी। डेढ़ साल पहले 16 फरवरी 2022 को उसकी शादी पावर हाउस भिलाई निवासी अमित राव (35) के साथ हुई थी। शादी में 5.5 लाख रुपए नगद और सोने चांदी के जेवरात और अन्य दहेज दिया था। कंचन जब विदा होकर ससुराल आई तो सभी ने उसे बेटी की तरह रखा। इसी बीच राखी का त्यौहार मनाने कंचन अपने मायके चली गई।

मायके वाले दो दिन बाद पहुंचे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मरचुरी पीएम कराने
9 सितंबर 2022 को उसका जन्मदिन मनाने के बाद ससुर उसे लेकर जब भिलाई पहुंचे तो ससुराल वाले दहेज के नाम पर उसे सताने लगे। आए दिन उसे मारा पीटा जाता। कंचन काफी परेशान हो चुकी थी। 28 अगस्त 2023 को ससुराल वालों ने मायके में बताया कि कंचन ने खुदकुशी कर ली है। पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट से ही मौत के कारण का पता चलेगा। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।

कंचन अपने ससुराल वालों के साथ मंदर दर्शन के दौरान
आधे घंटे बात करने के बाद कट गया फोन
शीला ने बताया कि घटना के दिन 28 सितंबर को कंचन से उसकी आधे घंटे से अधिक समय तक बात हुई। कंचन काफी खुश थी। अचानक उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। शीला ने सोचा कि फोन बंद हो गया होगा। इसके कुछ घंटे बाद ससुराल वालों ने फोन कर बताया कि कंचन ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है।

पीएम के दौरान परिजन और ससराल पक्ष के लोग मरचुरी में मौजूद।
अनार को लेकर तीन दिन से चल रहा था झगड़ा
कंचन के ससुराल में उसका पति अमित, देवर लक्की, ननद पूजा ससुर महेश राव और सास पारा राव रहते थे। पूजा गर्भ से है और मायके में होने से महेश राव उसके लिए अनार लेकर आया था। सास ने अनार छीलकर बेटी को दिया तो ससुर ने अनार बहू कंचन को दे दिया। इसी बात पर पूजा ने कहा जबसे भाभी आई है पिता जी उसे ही चाहते हैं। इसे लेकर उनके बीच तीन दिनों से काफी झगड़ा हो रहा था।
ससुरालियों ने सभी आरोपों को बताया गलत
कंचन के मायके वालों ने जितने भी आरोप लगाए हैं उसके ससुराल वालों ने उन्हें निराधार और गलत बताया है। कंचन के देवर अश्विन राव उर्फ लक्की का कहना है कि घटना के समय घर में दोपहर को सभी सो रहे थे। वो ड्यूटी गया है। शादी के बाद से ही कंचन देर तक सोती थी। उस दिन भी वो अपने कमरे में सोई हुई थी। खुदकुशी से पहले उसने अपने मायके में काफी देर तक बात की। वो कभी अपना रूम बंद नहीं करती थी, लेकिन उस दिन उसका कमरा बंद था। उसके बाद घरवालों ने आवाज लगाई। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो दरवाजा जबरदस्ती तोड़ा गया है। मोहल्ले के लोगों के सामने चाकू से रस्सी काटकर कंचन के शव को नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया था। कंचन के ससुर महेश राव का कहना है कि वो गरीब घर की बेटी लाना चाहते थे। उन्होंने गरीब घर की बेटी को बहू बनाया। जितना दहेज देने की बात वो कह रहे हैं उतना देने की उनकी हैसियत भी नहीं है। उनके द्वारा कोई दहेज नहीं दिया गया न ही दहेज की कोई मांग की गई। सारे आरोप गलत लगाए जा रहे हैं।





