Monday, February 9, 2026

            दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी, एक दिन में 300 फ्लाइट्स लेट; एयरोब्रिज पर यात्रियों की लंबी लाइन लगी

            नई दिल्ली: दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 300 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई। एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी की वजह से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स यानी ATC को फ्लाइट्स का शेड्यूल नहीं मिल पा रहा है।

            मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ATC के ऑटोमेटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में गड़बड़ी आई है। यह प्लेन के शेड्यूल यानी टेकऑफ और लैंडिंग की जानकारी देता है। ATC अधिकारी पहले से मौजूद डेटा के मुताबिक मैन्युअली फ्लाइट शेड्यूल तैयार कर रहे हैं।

            दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट लेट होने का असर बाकी एयरपोर्ट्स पर भी दिखा। दिल्ली से वहां आने-जाने वाली फ्लाइट भी लेट हुईं। हालात कब तक सामान्य होंगे, अभी इस बारे में दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कोई जानकारी नहीं दी है।

            दिल्ली एयरपोर्ट की 3 तस्वीरें…

            दिल्ली एयरपोर्ट के काउंटर्स के बाहर शुक्रवार को बड़ी तादाद में पैसेंजर्स इंतजार करते दिखे।

            दिल्ली एयरपोर्ट के काउंटर्स के बाहर शुक्रवार को बड़ी तादाद में पैसेंजर्स इंतजार करते दिखे।

            दिल्ली एयरपोर्ट के एयरोब्रिज पर यात्रियों की लंबी लाइन लगी है।

            दिल्ली एयरपोर्ट के एयरोब्रिज पर यात्रियों की लंबी लाइन लगी है।

            दिल्ली एयरपोर्ट पर कई पैसेंजर शुक्रवार सुबह पहुंचे तो उन्हें 30-50 मिनट इंतजार करना पड़ा।

            दिल्ली एयरपोर्ट पर कई पैसेंजर शुक्रवार सुबह पहुंचे तो उन्हें 30-50 मिनट इंतजार करना पड़ा।

            फ्लाइट ट्रैकिंग पोर्टल पर दिल्ली के आसमान की तस्वीर

            उड़ानों के रूट को ट्रैक करने वाले पोर्टल ‘फ्लाइट अवेयर’ ने दिल्ली के आसमान में मंडरा रहे प्लेन्स की लोकेशन को ग्राफिक के जरिए दिखाया है। इसमें कई फ्लाइट्स को एक ही जगह चक्कर लगाते देखा जा सकता है।

            सोर्स: https://www.flightaware.com/live/airport/VIDP

            सोर्स: https://www.flightaware.com/live/airport/VIDP

            न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक गुरुवार शाम से ही एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी थी। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com के मुताबिक गुरुवार को 513 फ्लाइट्स देरी से रवाना हो सकी थीं।

            फ्लाइट्स लेट होने का असर, 4 पॉइंट्स में

            1. यात्री परेशान: चेक-इन, गेट पर इंतजार, बोर्डिंग लेट, कनेक्शन फ्लाइट छूटने का खतरा बढ़ गया।
            2. ऑपरेशन प्रभावित: दिल्ली एयरपोर्ट में रोजाना 1,500 से अधिक फ्लाइट आती-जाती हैं। इससे एयरलाइन और एयरपोर्ट के कामकाज में देरी हुई।
            3. बाकी एयरपोर्ट्स पर असर: दिल्ली के अलावा बेतिया, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़ जैसे एयरपोर्ट्स पर भी असर देखा गया।
            4. अपकमिंग फ्लाइट्स डिले: लेट फ्लाइट्स की वजह अपकमिंग फ्लाइट्स का शेड्यूल प्रभावित होता है। फ्लाइट्स लेट होती जाती हैं।

            ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम क्या है जानिए

            AMSS (ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम) एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस से जुड़ा कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है। AMSS के जरिए हजारों टेक्स्ट-बेस्ड मैसेज हर दिन पायलट, ग्राउंड स्टाफ और दूसरे एयरपोर्ट्स तक रीयल-टाइम भेजे जाते हैं।

            इन मैसेज में क्या होता है-

            • हर फ्लाइट का पूरा रूट, ऊंचाई, फ्यूल आदि की जानकारी
            • फ्लाइट ने कब उड़ान भरी
            • फ्लाइट कब लैंड हुई
            • उड़ान में देरी की सूचना
            • प्लान बदला या रद्द किया गया
            • मौसम संबंधी अपडेट
            • एयरस्पेस में चेतावनियां

            यह कैसे काम करता है?

            एयरलाइन या पायलट फ्लाइट-प्लान डालते हैं। AMSS उस डेटा को चेक करके सही जगह (ATC, दूसरे एयरपोर्ट, संबंधित एयरलाइन) तक पहुंचाता है। अगर रूट या मौसम बदलता है, तो सिस्टम तुरंत सभी को अपडेट भेजता है। यह पूरे एयर ट्रैफिक रूट को सिंक रखता है।

            अगर AMSS काम न करे तो क्या होता है?

            अगर सिस्टम फेल हो जाए, जैसे दिल्ली में हुआ —

            • ऑटोमेटिक मैसेज बंद: फ्लाइट-प्लान, रूट क्लियरेंस और अपडेट मैन्युअली (हाथ से) करने पड़ते हैं।
            • ATC पर काम का बोझ: हर मैसेज या मंजूरी अब इंसानों को खुद भेजनी होती है।
            • देरी और भीड़: जब फ्लाइट-प्लान अप्रूव होने में समय लगता है, तो टेकऑफ-लैंडिंग धीमी हो जाती है। इससे एयरपोर्ट पर भीड़ बढ़ जाती है।
            • सुरक्षा जोखिम: ऑटोमेटिक कोऑर्डिनेशन न होने पर (human error) की संभावना बढ़ जाती है।

            हवाई जहाजों की ट्रैफिक पुलिस है ATC, AI इमेज से समझिए

            एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) एयरपोर्ट्स पर मौजूद सेंट्रल कंट्रोलिंग सिस्टम होता है। यह हवाई जहाजों को जमीन पर, हवा में और आसमान के अलग-अलग हिस्सों में निर्देश जारी करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो यह ट्रैफिक पुलिस की तरह ही है, लेकिन सिर्फ हवाई जहाजों के लिए।


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