Saturday, February 14, 2026

              छत्तीसगढ़ में सरकार बदलते ही रायपुर में महापौर हटाने की कवायद शुरू… मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, भाजपा पार्षद दल की बैठक में बोले नेता- कांग्रेस पार्षद अजित कुकरेजा सहित कई संपर्क में

              रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकार बदलते ही रायपुर में महापौर हटाने की कवायद शुरू हो गई है। मेयर एजाज ढेबर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर मंगलवार दोपहर को नगर निगम कार्यालय में भाजपा पार्षद दल की बैठक जारी है। बीजपी नेताओं की माने तो कई कांग्रेसी पार्षद उनके संपर्क में हैं। भाजपा नेता बैठक की बातें संगठन तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं। मीटिंग में मीनल चौबे, उप नेता प्रतिपक्ष मनोज वर्मा समेत कई भाजपा पार्षद मौजूद हैं।

              बता दें इससे पहले सोमवार देर रात तक मौदहापारा स्थित पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के घर पर कांग्रेस पार्षदों की बैठक हुई। जिसमें मेयर एजाज ढेबर, MIC सदस्य आकाश शर्मा के साथ कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। मोहम्मद अकबर के घर महापौर, पार्षदों की बैठक हुई। इसमें मोहम्मद अकबर भी मौजूद रहे। करीब डेढ़ घंटे बैठक के बाद सभी बहार निकले।

              पार्षद जितेंद्र अग्रवाल पहुंचे बैठक में।

              पार्षद जितेंद्र अग्रवाल पहुंचे बैठक में।

              नेता प्रतिपक्ष बोलीं- मेयर इस्तीफा दें

              नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने बताया छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार आई है। रायपुर शहर की जनता ने भी भाजपा को जनाधार दिया है। महापौर को नैतिकता के आधार पर अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

              मीनल चौबे भाजपा के साथ कांग्रेस पार्षदों को साधने का प्रयास कर रही हैं।

              मीनल चौबे भाजपा के साथ कांग्रेस पार्षदों को साधने का प्रयास कर रही हैं।

              नगर निगम के कई निर्दलीय पार्षद जिन्होंने कांग्रेस में प्रदेश किया था वे हमारे सम्पर्क में है। कांग्रेस ने अपने पार्षद अजित कुकरेजा को निष्कासित कर दिया है। उनसे बात की जाएगी। इस मामले में संगठन से भी रायशुमारी की जा रही है।

              अजीत कुकरेजा ने भी अपने समर्थकों से रायशुमारी शुरू कर दी है।

              अजीत कुकरेजा ने भी अपने समर्थकों से रायशुमारी शुरू कर दी है।

              कुकरेजा का भाजपा में जाने का हल्ला

              सोमवार शाम तेज हुई इस सुगबुगाहट के बीच एक बात ये भी सामने आई कि अजीत कुकरेजा मंगलवार को भाजपा में जा सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खबर है कि इसे लेकर महापौर एजाज ढेबर ने कुकरेजा को फोन कॉल किया। हालांकि कुकरेजा भाजपा में जाने की बात से इनकार कर रहे हैं मीडिया से कुकरेजा ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मुझे जानकारी नहीं है। अगर ऐसे हालात बने तो मैं न्यूट्रल रहूंगा। कांग्रेस के साथ नहीं हूं तो इसका ये मतलब नहीं है कि मैं भाजपा का सपोर्ट करूं।

              नगर निगम में ऐसी है पार्षदों की स्थिति

              70 वार्डों वाले रायपुर नगर निगम में कांग्रेस के 39 पार्षद है और भाजपा के 31 पार्षद है। नगर निगम चुनाव के दौरान 7 निर्दलीय पार्षद जीतकर आए थे। उनमें से 3 पार्षद ने भाजपा में प्रवेश किया था। वहीं 4 निर्दलीय पार्षद ने कांग्रेस का जॉइन किया था। नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे मेयर के खिलाफ अविश्वास लाने के लिए भाजपा के साथ कांग्रेस पार्षदों को साधने का प्रयास कर रही हैं।

              मेयर बनाने के लिए 36 पार्षदों की जरूरत

              वर्तमान में रायपुर नगर निगम में 70 सीट है। किसी भी पार्टी को अपना महापौर बनाने के लिए 36 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। वर्तमान में निगम में भाजपा के 31 और कांग्रेस के 39 पार्षद हैं। भाजपा को अपना महापौर बनने के लिए 5 पार्षदों की जरूरत है। हाल ही में कांग्रेस से बागी होकर पार्षद अजीत कुकरेजा ने उत्तर विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसके कारण उन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा कांग्रेसी पार्षद भी महापौर से नाराज चल रहे हैं।


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