Saturday, January 31, 2026

            बांग्लादेश में एक महीने में 8वें हिंदू की हत्या, मिठाई कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या, दुकान में काम करने वाले नाबालिग कर्मचारी को बचाने पर मारा, 3 आरोपी हिरासत में

            ढाका: बांग्लादेश के गाजीपुर जिले में शनिवार को एक हिंदू कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वह अपनी मिठाई की दुकान में काम करने वाले एक नाबालिग कर्मचारी को बचाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

            मृतक की पहचान 55 वर्षीय लिटन चंद्र घोष उर्फ काली के रूप में हुई है। वह बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल का मालिक था। यह दुकान नगरपालिका इलाके के पास बरनगर रोड पर स्थित है।

            मामूली बात को लेकर विवाद हुआ

            पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे मसूम मिया (28) दुकान में आया। किसी मामूली बात को लेकर उसका दुकान में काम करने वाले 17 साल के कर्मचारी अनंत दास से विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई।

            कुछ देर बाद मसूम मिया के माता-पिता, मोहम्मद स्वपन मिया (55) और मजीदा खातून (45) मौके पर पहुंचे और झगड़े में शामिल हो गए।

            जब दुकान मालिक लिटन चंद्र घोष ने बीच-बचाव कर अपने कर्मचारी को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया।

            इसी दौरान लिटन के सिर पर फावड़े से वार किया गया। पुलिस के मुताबिक, चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

            तस्वीर मृतक लिटन चंद्र घोष की है। लिटन के शव के पास उनका परिवार बैठा हुआ है।

            तस्वीर मृतक लिटन चंद्र घोष की है। लिटन के शव के पास उनका परिवार बैठा हुआ है।

            लोगों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा

            घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया। लोगों ने तीनों आरोपियों स्वपन मिया, मजीदा खातून और मसूम मिया को पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।

            कलिगंज थाने के प्रभारी अधिकारी (OC) मोहम्मद जाकिर हुसैन ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और हत्या के मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

            पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। शुरुआती प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

            बांग्लादेश में सत्तापलट के बाद अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े

            लगभग 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में 2024 के सत्तापलट के बाद से हालात अस्थिर बने हुए हैं। इस्लामी संगठनों की सक्रियता बढ़ने से अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं। बांग्लादेश में हिंदू और सूफी मुस्लिम सहित अल्पसंख्यकों की आबादी 10% से भी कम है।

            बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने देशभर में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं।

            भारत बोला- अल्पसंख्यकों पर बार-बार हो रहे हमले चिंताजनक

            भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई है। पिछले सप्ताह भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

            विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा- हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और उनकी संपत्तियों पर बार-बार हो रहे हमलों का चिंताजनक पैटर्न देख रहे हैं। ऐसी घटनाओं से सख्ती से और तुरंत निपटा जाना चाहिए।

            उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में इन हमलों को व्यक्तिगत रंजिश या राजनीतिक कारण बताकर कमतर आंका जाता है, जिससे कट्टरपंथी तत्वों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना गहरी होती है। हालांकि बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत के आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है।


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