नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र समेत 5 हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान दिया गया है।
झारखंड के पूर्व सीएम दिवंगत नेता शिबु सोरेन और गायिका अलका याज्ञनिक समेत 13 हस्तियों को पद्म भूषण के लिए चुना गया है।

5 हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान दिया गया।

13 हस्तियों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
45 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान
PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस साल 45 लोगों को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। इनमें मध्य प्रदेश के भगवान दास रायकवार, राजस्थान के गफरुद्दीन मेवाती जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट को गुमनाम नायकों की कैटेगरी में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।
इनके अलावा उत्तर प्रदेश के चिरंजी लाल यादव, गुजरात के धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, छत्तीसगढ़ की बुधरी ताती, ओडिशा के चरण हेम्ब्रम, कर्नाटक के अंके गौड़ा, महाराष्ट्र की अरमिडा फर्नांडिस को भी गुमनाम नायकों की कैटेगरी में पद्मश्री से सम्मानित होंगे।
गफरुद्दीन मेवाती ‘पांडुन का कड़ा’ के एकलौते गायक

गफरुद्दीन को 2024 में संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप सम्मान मिल चुका है।
राजस्थान के डीग जिले के रहने वाले गफरुद्दीन मेवाती जोगी भपंग वादक और ‘पांडुन का कड़ा’ गायक हैं। वे पांडुन का कड़ा के एकलौते लोक गायक हैं। गफरुद्दीन को 2024 में संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप सम्मान मिल चुका है। उन्होंने देश-विदेश में कई जगह भपंग वादन और पांडुन का कड़ा की प्रस्तुतियां दी है। उन्हें पांडुन का कड़ा के 2500 से ज्यादा दोहे याद हैं।
घर बेचकर लाइब्रेरी बनाने वाले अंके को सम्मान

गौड़ा ने 20 साल की उम्र में बस कंडक्टर की नौकरी करते हुए उन्होंने किताबें जुटानी शुरू कीं थी।
अंके गौड़ा कर्नाटक के मैसूर के पास हरालाहल्ली गांव के रहने वाले हैं। 20 साल की उम्र में बस कंडक्टर की नौकरी करते हुए उन्होंने किताबें जुटानी शुरू कीं। अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा उन्होंने किताबों पर खर्च किया, यहां तक कि घर भी बेच दिया। आज उनकी ‘पुस्तक माने’ लाइब्रेरी में 20 लाख से ज्यादा दुर्लभ किताबें हैं। गौड़ा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा।
पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह रोजाना सड़क साफ करते हैं

पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू 1964 बैच के IPS अधिकारी थे, जो 1996 में रिटायर हुए।
88 साल के पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू 1964 बैच के IPS अधिकारी थे, जो 1996 में रिटायर हुए। वे चंडीगढ़ के सेक्टर 49 (IAS-IPS ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी) में रहते हैं। वे पिछले 10 से ज्यादा सालों से सैनिटेशन कार्ट उधार लेकर हर दिन सुबह 6 बजे सड़कों की सफाई करते हैं।
बुधरी ताती वृद्धा आश्रम, अनाथ आश्रम चलाती हैं

बुधरी ताती ने 15 साल की उम्र से समाज सेवा कर रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता बुधरी ताती छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के हिरानार गांव की रहने वाली हैं। 15 साल की उम्र से ही इन्होंने समाज सेवा का काम शुरू कर दिया था। बस्तर में महिलाओं को जागरूक करने से लेकर शिक्षित करने का काम किया। साथ ही वृद्धा आश्रम, अनाथ आश्रम चलाती हैं।
ताती ने अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। इसके कारण शादी नहीं की। ताती ने महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने लिए बस्तर संभाग के अलग-अलग करीब 545 गांवों की पद यात्रा भी की हैं। समाज सेवा के लिए काम करने पर इन्हें डॉक्टर की भी उपाधि मिली है। अब तक 22 पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। इनमें 3 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड हैं।
3 श्रेणियों में दिया जाता है पद्म पुरस्कार
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों- पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस, इंडस्ट्री, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं।

(Bureau Chief, Korba)





