कोपेनहेगन: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी बढ़ने पर डेनमार्क के एक सांसद ने बहुत कड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूरोपीय संसद में डेनमार्क के सांसद एंडर्स विस्तिसेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कहा कि ग्रीनलैंड कोई बिकाऊ चीज नहीं है।
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड पिछले 800 सालों से डेनमार्क का हिस्सा है। यह बेचने के लिए नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि इसे ऐसे शब्दों में कहूं जो आप समझें, तो मिस्टर प्रेसिडेंट, भाड़ में जाइए।
इस पर यूरोपीय संसद के उपाध्यक्ष निकोलाए स्टेफानुता ने उन्हें टोकते हुए कहा कि इस तरह की भाषा सदन के नियमों के खिलाफ है। इस बयान अब तक पर ट्रम्प की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस मुद्दे पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ट्रम्प को जवाब दिया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मैक्रों ने कहा कि फ्रांस धमकी की नहीं, बल्कि आपसी सम्मान की नीति में विश्वास करता है।
दरअसल, ट्रम्प ने पहले फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। यह धमकी उन्होंने इसलिए दी क्योंकि फ्रांस ने अमेरिका के प्रस्तावित गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने से मना कर दिया था।
पिछले कुछ हफ्तों में ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कंट्रोल होना चाहिए। उनका कहना है कि आर्कटिक इलाके में रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए वहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी जरूरी है।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प ने यूरोप के उन देशों पर भी दबाव बनाया है जो डेनमार्क का समर्थन कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिका ने ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगा दिया, जिसे डेनमार्क के समर्थन के जवाब में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

(Bureau Chief, Korba)




