Wednesday, May 22, 2024
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BIG News: सुरंग बनाकर SBI से सोना चोरी.. चोरों ने स्पेन की क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज की तर्ज पर दिया घटना को अंजाम; 15 दिन की प्लानिंग, 8 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा अंडरग्राउंड रास्ता बनाया; बैंक के टॉप अधिकारियों पर शक

कानपुर: स्पेन की क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज मनी हाइस्ट की तरह ही सुरंग खोदकर कानुपर में सोने की चोरी हुई। यह चोरी सचेंडी स्थित SBI बैंक में हुई। चोरों ने पहले प्लानिंग की, फिर बैंक के पीछे से 8 फीट सुरंग खोदी और करीब 2 किलो सोना ले गए। यह घटना बुधवार देर रात की है। पुलिस का मानना है कि चोरों ने वारदात के लिए 15 दिन की प्लानिंग की होगी। पुलिस को शक बैंक के टॉप अधिकारियों पर है।

मनी हाइस्ट को लेकर लोगों का मानना है कि इस वेब सीरीज में दुनिया की सबसे बड़ी चोरी दिखाई गई है। कहानी एक प्रोफेसर की है, जो स्पेन के सबसे बड़े बैंक से सोना चुराने के लिए 25 साल प्लानिंग करते हैं। इसके बाद अपने साथियों को चोरी करने के लिए 6 महीने की ट्रेनिंग देते हैं। कई किलोमीटर की सुरंग बनाकर पूरे स्पेन का पैसा और सोना चुरा लेते हैं। अब इसी तरह प्लान बनाकर कानपुर में हुई चोरी के बारे में पढ़िए…

सुरंग को बैंक के पिछले हिस्से बनी दीवार से बनाया गया। यह कब से बन रही थी, इसके बारे में कोई पता नहीं चल पाया है।

कानपुर में हुई चोरी को भी एक कहानी की तरह पढ़िए…

1. ऐसी सुरंग बनाई, जो स्ट्रांग रूम में खुली
चोरों ने बैंक के पिछले हिस्से से सुरंग बनाई। जो सीधे जाकर स्ट्रांग रुम पर खुली, फिर ड्रिल मशीन से फर्श तोड़कर अंदर घुसे। स्ट्रांग रूम के लॉकर को गैस कटर से काटकर करीब 2 किलो सोना चुरा लिया। चोरों ने इतनी सफाई से काम किया कि बैंक का अलार्म भी नहीं बजा। गुरुवार सुबह जब बैंक स्टॉफ पहुंचा तो वारदात का पता चला।

2. सोना ले गए, लेकिन लाखों का कैश छोड़ गए
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड मौके पर पहुंचकर जांच की। यहां एक रोचक बात यह निकली कि गोल्ड के ठीक बगल में एक और पेटी रखी थी। इसमें 35 लाख रुपए थे, लेकिन चोरों ने उसे छुआ तक नहीं। पुलिस का मानना है कि बैंक के अंदर ड्रिल करने और सोना चुराने में ही चोरों को ज्यादा समय लग गया होगा, इसीलिए उन्होंने कैश को छोड़ दिया।

3. पुलिस बाहर बैठी रही और अंदर लुट गया बैंक
सवाल उठता है कि आखिर चोरों ने इस बैंक को क्यों चुना? तो ब्रांच के मैनेजर नीरज राय ने कहा कि इस बैंक के पीछे कोई भी घर नहीं है और न ही कोई रहता है। चोर जब सुरंग खोद रहे थे और ड्रिलिंग कर रहे थे तो किसी को भनक तक नहीं लगी। मैनेजर ने बताया कि रात में बैंक के पीछे चोर पहुंचे। दीवार पुरानी बनी थी। आसानी से टूट गई, इसके बाद सुरंग खोदी और सोना चुरा लिया।

इस बैंक के सामने ही पुलिस का पिकेट प्वाइंट भी है। वारदात वाली रात भी पुलिस की PRV रात 11 बजे से 1 बजे तक खड़ी रही है। इसके बाद भी शातिर चोरों ने आराम से बैंक में सुरंग बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी।

4. 20 दिन पहले गोल्ड सेफ दीवार में चुनवाई
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि 20 दिन पहले ही बैंक मैनेजमेंट ने गोल्ड सेफ और कैश की सेफ को दीवार में चुनवाया था। लेबर-मिस्त्री इस काम के लिए स्ट्रांग रूम के भीतर गए थे। सभी लेबर मिस्त्रियों की भी डिटेल लेकर जांच की जा रही है। जो गोल्ड चोरी हुआ है, वह गोल्ड लोन लेने वाले 29 लोगों का था। गोल्ड के बदले लोन के तहत बैंक में रखा हुआ था। पुलिस उनका भी पता कर रही है।

ये तस्वीर स्ट्रांग रूम की है। ये सेफ दीवार में चुनवाई गई थी। जिन कारीगरों ने इस पर काम किया था, उनसे भी पूछताछ की जा रही है।

ये तस्वीर स्ट्रांग रूम की है। ये सेफ दीवार में चुनवाई गई थी। जिन कारीगरों ने इस पर काम किया था, उनसे भी पूछताछ की जा रही है।

5. 15 दिन पहले 11 CCTV कैमरे लगाए, सभी बंद मिले
मनी हाइस्ट के प्रोफेसर की तरह ही चोरों ने बैंक के सारे CCTV कैमरे बंद कर दिए थे। बैंक मैनेजर ने बताया कि बैंक में 15 दिन पहले ही 11 CCTV कैमरे लगाए गए थे। वारदात वाली रात अचानक कैमरों ने काम करना बंद कर दिया। इससे पुलिस का शक और गहरा गया कि आखिर ये कैमरे ठीक चोरी से पहले कैसे बंद हो गए।

बैंक में चोरी के बाद सबसे पहले CCTV जांचे गए, मगर सब बंद मिले।

6. बैंक की पूरी डिजाइन की जानकारी थी
चोरों की प्लानिंग इतनी सटीक थी कि वे बैंक में घुसने के लिए सुरंग बनाते हैं जो सीधे स्ट्रांग रूम में जाकर खुलती है। वे फर्श तोड़ते हैं फिर चोरी करते हैं और वहीं से वापस लौट लौट जाते हैं।

पुलिस का अनुमान है कि धीरे-धीरे चोरों ने सुरंग को खोदा है। इसमें 3-4 दिन लगे होंगे।

7.15 फिंगर प्रिंट से चोर तक पहुंचने की कोशिश
स्ट्रांग रूम की जांच के दौरान टूटे हुए गोल्ड सेफ से 9 और छह CCTV कैमरों पर फिंगर प्रिंट मिले। पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के फिंगर प्रिंट की मिलान शुरू कर दी है। बैंक के स्ट्रांग रूम तक कुछ खास कर्मचारी ही पहुंच सकते थे। सिर्फ यही नहीं, बैंक में पिछले 20 दिन में कई फेरबदल हुए हैं। इनकी जानकारी भी चोरों को थी। अब पुलिस को बैंक स्टॉफ पर शक है। इसीलिए पुलिस एक-एक कर्मचारी की लोकेशन और कॉल डिटेल जांच रही है।

8. पकड़े जाने के डर से कैश को नहीं ले गए
पुलिस मान रही है कि उन्हें सोना चोरी करने में ही सुबह हो गई होगी। पकड़े जाने के डर से वो कैश की सेफ को मौके पर ही छोड़ गए। सिर्फ सोना लेकर भागे है।

9. 11 बजे तक बैंक में कर्मचारी थे
बैंक मैनेजर नीरज ने बताया कि बैंक में करीब 15 दिनों से ऑडिट चल रहा है। इसके चलते रात करीब 11 बजे तक ऑडिट टीम और कुछ बैंक कर्मचारी थे। उन्होंने बताया कि यह 1969 की SBI ब्रांच है। साल 1997 में भी यहां सोने की चोरी हुई थी।

पुलिस ने बैंक के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। उनकी लोकेशन भी जांची जा रही है।

10. सोना लेकर जाने के लिए चोरों के गाड़ी लेकर आने का शक
पुलिस ने कानपुर के बॉर्डर एरिया को ब्लॉक किया गया है। बैंक की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर चेकिंग हो रही है। क्योंकि, इतना सोना लेकर जाने के लिए बदमाशों को बड़ी गाड़ी की जरूरत होगी। ऐसे में संदिग्ध गाड़ियों को बाजार के CCTV में पुलिस की एक टीम ढूंढ रही है। ताकि चोरों के बारे में पता लगाया जा सके।

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