नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया है। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया। पीएम मोदी यहां दो दिन के दौरे पर आए थे।
सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा – वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं।
इससे पहले मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया।
भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
ब्रातिस्लावा में मोदी के स्वागत की 7 तस्वीरें…

पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया।

स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराय ब्लानार ने मोदी का राजधानी ब्रातिस्लावा में स्वागत किया।

पीएम मोदी को स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट किया गया। पीएम ने हाथ जोड़कर उसे स्वीकार किया।

स्लोवाकिया में रहने वाले कई भारतीय ब्रातिस्लावा एयरपोर्ट पर पीएम मोदी से मिलने पहुंचें। यहां मोदी-मोदी के नारे लगे।

स्लोवाकिया में पीएम मोदी के स्वागत में वंदे मातरम की परफॉर्मेंस दी गई।

पीएम मोदी और स्लोवाकियन पीएम फिको ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मोदी और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने ब्रातिस्लावा में प्रेसिडेंशियल पैलेस में योग का स्पेशल सेशन देखा।

स्लोवाकिया पीएम रॉबर्ट फिको ने हाफ जैकेट पहनी।
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी के बयान की 5 बातें
- आज हमने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह हमारे आपसी विश्वास, प्राथमिकताओं और भविष्य का प्रतीक है।
- भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए मैं पीएम फिको का विशेष आभार व्यक्त करता हूं।
- स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में AI के विषय पर इंडिया चेयर बनाई जा रही है। AI मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने, यही हमारी साझा सोच है।
- रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया।
- भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का बेहतरीन उदाहरण है।
स्लोवाकिया में 9 हजार से ज्यादा भारतीय
स्लोवाकिया में 9,200 से ज्यादा भारतीय रहते हैं। स्लोवाकिया में भारतीय आईटी सेवाओं, डेवलपमेंट सेंटर्स और तकनीकी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। स्लोवाकिया के शेंगेन (यूरोपी देशों का समूह जहां एस वीजा से एंट्री मिलती है) देश होने की वजह से भारतीयों को एक ही वीजा पर 26 देश घूमने की सुविधा मिलती है।
2025 में भारत-स्लोवाकिया के बीच ₹17 हजार करोड़ का व्यापार
- स्लोवाकिया हर साल 10 लाख से ज्यादा पैसेंजर गाड़ियों का उत्पादन करता है। यहां वोक्सवैगन, किआ, जगुआर लैंड रोवर और वोल्वो की फैक्ट्रियां हैं। ऑटोमोटिव सेक्टर स्लोवाकिया की GDP का 14% हिस्सा है।
- भारत ने 2025 में स्लोवाकिया को लगभग ₹14500 करोड़ का निर्यात किया। इसमें गाड़ियों के छोटे पार्ट्स मोबाइल फोन, टेक्सटाइल और कपड़े शामिल हैं।
- स्लोवाकिया की कामकाजी आबादी में हर साल 15 से 20 हजार लोगों कम हो रहे हैं। इस वजह से विदेशी कामगारों की मांग लगातार बढ़ रही है।
- भारत स्लोवाकिया से गाड़ियों, बड़ी औद्योगिक मशीनरी, इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रोसेस्ड रबर आयात करता है।
- भारत और स्लोवाकिया के बीच 2025 में लगभग ₹17000 करोड़ का व्यापार हुआ।
मोदी-मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक, 13 बड़े समझौते हुए
रविवार को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रविवार को द्विपक्षीय बैठक की। इसमें प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे।
इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई। दोनों देशों ने अगले 5 वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की है।
इससे पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया।
प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित विला केरीलोस घुमाने ले गए। यह फ्रांस की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। मैक्रों ने यहां पीएम के साथ सेल्फी ली और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया।

विला केरीलोस घूमने के दौरान मैक्रों पीएम मोदी का हाथ पकड़कर चलते दिखे।
इनोवेशन प्रोग्राम में PM बोले- दोनों देशों का विजन एक, 5 बड़ी बातें
- भारत-फ्रांस का रिश्ता खास: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता सिर्फ व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है। यह भरोसे, साझा सोच और साझा लक्ष्यों पर आधारित है। दोनों देश मिलकर दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं।
- ‘भारत इनोवेट्स’ युवाओं के लिए बड़ा मंच: मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय निवेश को जोड़ने वाला मंच है। इससे भारतीय स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों और नए आइडिया को दुनिया के बड़े निवेशकों और विशेषज्ञों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
- भारत स्टार्टअप्स का बड़ा केंद्र: प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स शामिल हैं, लेकिन भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स भारत के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में भी योगदान दे रहे हैं।
- नई तकनीकें बदलेंगी भविष्य: मोदी ने कहा कि दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन हर चुनौती नए मौके भी लेकर आती है। AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष तकनीक जैसी नई तकनीकें आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेंगी।
- युवा दे रहे हैं समस्याओं का समाधान: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति चल रही है। देश के युवा नई सोच के साथ लोगों की समस्याओं का हल निकाल रहे हैं।
मैक्रों बोले- दुनिया भारत के साथ इनोवेशन करना चाहती है, 5 बड़ी बातें
- भारत ग्लोबल इनोवेशन का नेतृत्व कर रहा: मैक्रों ने कहा कि भारत रिसर्च, इनोवेशन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। भारत हर साल यूरोप और अमेरिका को मिलाकर जितने इंजीनियर तैयार होते हैं, उतने इंजीनियर तैयार करता है।
- दुनिया भारत के साथ इनोवेशन करना चाहती है: मैक्रों ने कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि भारत इनोवेशन करता है या नहीं। सवाल यह है कि दुनिया में कौन भारत के साथ मिलकर इनोवेशन करेगा।
- AI में खुले और सहयोगी मॉडल का समर्थन: उन्होंने कहा कि कुछ देश AI मॉडल्स को सीमित करना चाहते हैं। लेकिन भारत और फ्रांस खुले, बहुभाषी और सहयोगी AI मॉडल के पक्षधर हैं।
- मोदी के नेतृत्व की तारीफ: मैक्रों ने नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता के बाद सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उनकी दृढ़ कार्यशैली, भारत की ताकत और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
- ऊर्जा और जलवायु पर साथ काम कर रहे दोनों देश: नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) जैसी नई परमाणु तकनीकों में भी भारत और फ्रांस साथ काम कर सकते हैं।
फ्रांस से 114 राफेल विमानों की डील पर चर्चा
भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमान को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बैठक में राफेल के मुद्दे पर खास चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा ध्यान ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने पर है। भारत चाहता है कि डिफेंस प्रोजेक्ट्स में डिजाइनिंग से लेकर विमान बनाने तक का सारा काम दोनों देश मिलकर करें।
इनमें सबसे अहम वायु सेना के लिए 114 रफाल की डील है। करीब सवा 3 लाख कराेड़ रुपए के इस सौदे में भारत विमानों के साझा विकास और उत्पादन के अलावा टेक्नोलॉजी का पूरा ट्रांसफर चाहता है।
जरूरतों के हिसाब से इन विमानों पर मिसाइलें और अन्य हथियार लगाने के लिए सोर्स कोड को लेकर भी भारत अपना रुख स्पष्ट करेगा। मोदी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) ने अभी तक इस डील पर मुहर नहीं लगाई है।
भारत और फ्रांस बना सकते हैं एआई का ओपन सोर्स मॉडल
अभी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दो बड़े मॉडल हैं। पहला- अमेरिकी, जो पूरी तरह से निजी कॉर्पोरेट्स के मुनाफे पर टिका है और दूसरा चीनी, जो सरकारी नियंत्रण पर आधारित है।
लेकिन, भारत और फ्रांस दुनिया को तीसरा यानी ओपन सोर्स मॉडल देने की तैयारी में हैं। मोदी ने कहा कि एक दशक पहले तक भारत को दुनिया एक ‘टेक्नोलॉजी अडॉप्टर’ मानती थी, लेकिन आज भारत ‘टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर’ (समाधान देने वाला) बन चुका है।
वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को बताते हुए कहा कि 1.4 अरब की आबादी वाला यह देश हर साल 10 लाख से ज्यादा इंजीनियर तैयार करता है, जो पूरे यूरोप और अमेरिका को मिलाकर बराबर हैं।
PM का फ्रांस दौरा, 5 तस्वीरें…

PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने नीस में मुलाकात की। एक-दूसरे को गले लगाया।

पीएम ने भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में निवेशकों से मुलाकात की।

राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी ली और X पर पोस्ट किया।

नीस में पीएम भारतीय समुदाय से मिले। होटल में एक बच्चे को दुलार भी किया।

भारतीय महिलाओं ने पीएम के हाथ को अपने सिर पर लगाया।
G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?
G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।
इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

(Bureau Chief, Korba)




