Monday, February 2, 2026

            CG: प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर CM का पलटवार.. भूपेश बघेल बोले- अगर विकास का पैमाना केवल अडानी हैं तो ऐसा विकास नहीं चाहिए

            रायपुर: संसद में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार के दौरान के भ्रष्टाचार के मामलों और भाजपा सरकार में आर्थिक विकास की बात की। उन्होंने कहा, कुछ लोगों को देश के विकास से बहुत निराशा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, अगर विकास का पैमाना केवल अडानी हैं तो ऐसा विकास नहीं चाहिए।

            रायपुर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, सवाल यह है कि देश की प्रगति किससे है। किसानों की आय दोगुना होने की बात कही थी, खर्च दोगुना हो गया। अगर विकास का पैमाना केवल अडानी के विकास से है तो ऐसा विकास नहीं चाहिए। कल राहुल जी ने कहा कि 609 नंबर से बढ़कर 2 नंबर पर आये थे और एक पेपर प्रकाशित हुआ तो घटकर सीधे 23वें नंबर पर पहुंच गये। मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसा विकास होना चाहिए जिसमें इस देश के किसान, मजदूर, युवा, , महिलाएं, आदिवासी, अनुसूचित जाति का विकास हो। केवल मुट्‌ठी भर लोगों का विकास नहीं चाहिए। ये लोकतांत्रिक देश है। इसमें सबका हिस्सा है। और सबके पास विकास की किरणें पहुंचनी चाहिए।

            भाजपा पर झीरम की जांच रोकने का आरोप लगाया

            मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर झीरम घाटी कांड की जांच रोकने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा क्यों जांच रोक रही है। हमने एनआईए को भी पत्र लिखा, होम मिनिस्टर को भी पत्र लिखा कि आपकी जांच पूरी हो गई है, आप फाइनल रिपोर्ट सबमिट कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ की जनता को, झीरम में शहीद हुए नेताओं और जवानों के परिजनों को न्याय नहीं मिला। अब हमें जांच करने का अधिकार दे दिया जाए। हम कोर्ट में गये तो एनआईए कोर्ट पहुंच जाती है। कानून की आड़ लेकर भाजपा किसे बचाना चाहती है। उसका षड़यंत्र क्यों उजागर नहीं होने देना चाह रही है।

            छह महीने के लिए झीरम आयोग का कार्यकाल बढ़ा है

            सरकार ने झीरम कांड की जांच कर रहे आयोग का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। इस आयोग का गठन मई 2013 में हुआ था। तबादले से पहले जांच कर रहे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत मिश्र ने जो रिपोर्ट दी थी, उसे सरकार ने अधूरा बताकर दो नये सदस्यों की नियुक्ति कर दी थी। जस्टिस सतीष अग्निहोत्री और जस्टिस मिनहाजुद्दीन के दो सदस्यीय आयोग का कार्यकाल भी 10 फरवरी को खत्म हो रहा था। अब सरकार ने इसका कार्यकाल 10 अगस्त 2023 तक के लिए बढ़ा दिया है।


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