Saturday, March 2, 2024
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CG: धान खरीदी में फर्जीवाड़ा, उपप्रबंधक सस्पेंड.. 20 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी लगाकर किया गया धान उठाव; जिला विपणन अधिकारी पर मिलर्स से सांठगांठ का आरोप

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले में 20 करोड़ की कूटरचित बैंक गारंटी जमा कर मिलर्स को करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाने के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के सचिव संदीप गुप्ता ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें जिले के जिला विपणन अधिकारी लोकेश कुमार देवांगन को निलंबित किया गया है।

जिले के मिलर्स से सांठगांठ कर फर्म को लाभ पहुंचाने की शिकायत जिले की कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी को की गई थी। मामले में जांच के बाद प्रतिवेदन मिलने पर जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव संदीप गुप्ता ने आदेश जारी करते हुए जिला विपणन अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

वर्ष 2021-22 में पेंड्रा रोड के एक राइस मिलर की चार फर्मों द्वारा कथित तौर पर फर्जी बैंक गारंटी को जिला विपणन कार्यालय में प्रस्तुत कर धान उठाव किए जाने का मामला सामने आया था। शिकायतकर्ता ने इस मामले में कलेक्टर को जानकारी देते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि पेंड्रारोड अंजनी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित चावल व्यवसायी और राइस मिलर के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी बैंक गारंटी लगाकर धान का उठाव किया गया है। बैंक ने इस फर्म को वर्ष 2021-22 में लगभग 24 करोड़ की बैंक गारंटी स्वीकृत की थी, जिसमें राइस मिलर द्वारा जिला विपणन कार्यालय में लगभग 44 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कर धान का उठाव किया गया। इस मामले में शिकायतकर्ता ने जिला विपणन अधिकारी लोकेश देवांगन पर मिलीभगत का आरोप लगाया।

राज्य सरकार कस्टम मिलिंग के लिए बैंक गारंटी को बैंक से सर्टिफाई मेल द्वारा मंगवाया जाता है, जबकि इस मामले में अधिकारी ने कथित तौर में फर्जी सील लगाकर मैनुअली जमा कर लिया गया था। इसके साथ ही पेंड्रारोड स्टेट बैंक के एक अधिकारी की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए 20 करोड़ की कथित फर्जी बैंक गारंटी पर संदेह जताया। इस मामले में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने बताया कि फर्जी बैंक गारंटी देकर धान उठाव करने की शिकायत मिली है। संबंधित बैंक और विपणन विभाग से इस प्रकरण के संपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

इधर जिला विपणन अधिकारी लोकेश देवांगन ने बताया था कि कलेक्टोरेट कार्यालय द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। हमारे पास कस्टम मिलिंग के लिए बैंक गारंटी मेल और मैनुअली दोनों प्रकार से आती है, जिसकी पुष्टि हम संबंधित बैंक से करते हैं, इसलिए बैंक से प्राप्त किसी भी राइस मिलर की बैंक गारंटी से हम छेड़छाड़ नहीं कर सकते। इस मामले में भी बैंक गारंटी की पुष्टि संबंधित बैंक अधिकारी से करा ली गई थी। इससे पहले महाप्रबंधक ने इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट कलेक्टर से मांगी थी। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के महाप्रबंधक ने आदेश जारी किया था। महाप्रबंधक ने 4 राइस मिल की जानकारी मांगी थी, जिसमें श्याम इंडस्ट्रीज, अंजनी गौरेला, श्याम फूड प्रोडक्ट, यश राइस मिल और यश मॉडर्न फूड रडार पर हैं।

  • Krishna Baloon
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