CG: हाईकोर्ट के वकीलों के लिए खुशखबरी.. पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट और रेस्ट हाउस में 25% की छूट, महाधिवक्ता ने वकीलों के लिए मांगी थी रियायत

            टूरिज्म बोर्ड के रेस्ट हाउस व रिसार्ट में वकीलों को मिलेगी छूट।

            Bilaspur: छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल और हाईकोर्ट के वकीलों को पर्यटन मंडल ने नए साल में खुशखबरी दी है। टूरिज्म बोर्ड की ओर से अब वकीलों को रेस्ट हाउस, रिसॉर्ट और मोटल्स में 25% छूट देने का फैसला लिया है। हाईकोर्ट के महाधिवक्ता और स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन सतीशचंद्र वर्मा ने पर्यटन मंडल को इसके लिए पत्र लिखा था।

            दरअसल, सतीशचंद्र वर्मा हाईकोर्ट के महाधिवक्ता के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने बीते दिनों पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव के साथ ही उप महाप्रबंधक को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने स्टेट बार काउंसिल के पंजीकृत वकीलों को उनके प्रवास के दौरान पर्यटन मंडल की ओर से संचालित रेस्ट हाउस, रिसार्ट और मोटल्स में ठहरने के लिए छूट देने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन को भी पत्र लिखा था।

            पर्यटन मंडल ने वकीलों को छूट देने जारी किया आदेश।

            पर्यटन मंडल ने वकीलों को छूट देने जारी किया आदेश।

            पर्यटन मंडल ने 25% छूट देने जारी किया आदेश
            महाधिवक्ता और स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन वर्मा के इस मांग पर पर्यटन मंडल ने सहमति जताई है। पर्यटन मंडल के उप महाप्रबंधक ने इसके लिए 26 दिसंबर को एक आदेश भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि टूरिज्म बोर्ड की ओर से स्वयं संचालित सभी इकाइयों में कक्ष उपलब्धता की स्थिति में आवासीय कक्षों के आरक्षण में प्रदेश के पंजीकृत वकीलों को 25% रियायत का प्रावधान किया गया है।

            मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से महाधिवक्ता ने वार्षिक कैलेंडर का कराया था विमोचन।

            मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से महाधिवक्ता ने वार्षिक कैलेंडर का कराया था विमोचन।

            25 हजार से अधिक वकीलों को मिलेगा फायदा
            बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल में 25 हजार से अधिक वकील पंजीकृत हैं, जिन्हें पर्यटन मंडल के इस छूट का लाभ मिलेगा। हालांकि, बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के वेरिफिकेशन करने के लिए बार काउंसिल आफ इंडिया और स्टेट बार काउंसिल को आदेश दिया था, जिसमें पंजीकृत वकीलों का परीक्षण करने और दस्तावेज सत्यापित कराने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि नए सिरे से परीक्षण के बाद पंजीकृत वकीलों की संख्या कम हो सकती है।


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