CG: जिला शिक्षा अधिकारी का निलंबन आदेश हाईकोर्ट ने किया निरस्त, राज्य सरकार ने टीचर प्रमोशन-पोस्टिंग में गड़बड़ी के आरोप में किया था सस्पेंड

          बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। राज्य शासन ने उन्हें टीचर प्रमोशन और पोस्टिंग में गड़बड़ी करने के आरोप में सस्पेंड किया था, लेकिन तय समय सीमा के भीतर बहाल नहीं करने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है।

          बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के DEO सीएस ध्रुवे ने अपने एडवोकेट के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में टीचर प्रमोशन, पोस्टिंग और संशोधन में गड़बड़ी करने के आरोप में राज्य शासन ने उन्हें निलंबित किया था।

          एक अगस्त 2023 को उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिसके बाद 15 सितंबर को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र दिया गया, फिर 22 नवंबर को निलंबन अवधि बढ़ाने के लिए आदेश दिया गया। याचिका में कहा गया है कि शासन के नियम के अनुसार निलंबन की अवधि 3 माह से अधिक नहीं हो सकती।

          निलंबन जारी रखने के लिए आदेश जरूरी

          याचिका में बताया गया कि अगर निलंबन अवधि को जारी रखना है, तो 3 महीने के अंदर ही इसे बढ़ाने का आदेश जारी करना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि DEO सीएस ध्रुवे की निलंबन अवधि बढ़ाने का आदेश तय समय के बाद जारी किया गया है, जो गैरकानूनी है।

          केस की सुनवाई जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि निलंबन अवधि की वैधता एक नवंबर 2023 तक थी। 3 माह बीतने के बाद इसे 22 नवंबर 2023 को बढ़ाया गया है। तीन माह समाप्त होते ही निलंबन समाप्त हो गया और उसे बाद में नहीं बढ़ाया जा सकता। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जारी निलंबन समाप्त कर उसे बहाल करने के आदेश को निरस्त कर दिया है।



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