Tuesday, April 16, 2024
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CG Mainpat Mahotsav 2024 : CM साय ने 3 दिवसीय मैनपाट महोत्सव का किया शुभारंभ, बोले- मार्च से मिलेंगे महतारी वंदन के पैसे; कहा- किसानों को अंतर राशि एकमुश्त मिलेगी

सरगुजा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को 3 दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2024 का शुभारंभ किया है। इस दौरान मंच से मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मार्च से महतारी वंदन योजना के पैसे महिलाओं के खाते में आएंगे। अब तक 70 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। वहीं किसानों को समर्थन मूल्य की अंतर की राशि 917 रुपए प्रति क्विंटल एक मुश्त मिलेगी।

सीएम साय ने मैनपाट महोत्सव के लिए 50 लाख की सहयोग राशि की घोषणा भी की। साथ ही नर्मदापुरम में झंडा पार्क के लिए 1 करोड़ देने का ऐलान भी किया। मैनपाट महोत्सव में बॉलीवुड, भोजपुरी और छत्तीसगढ़ के नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कहा- महतारी वंदन के अबतक 70 से ज्यादा आवेदन आए।

तीन दिन कई एडवेंचर गेम्स भी होंगे

मैनपाट महोत्सव में कई एडवेंचर स्पोर्ट्स भी होंगे। शुक्रवार सुबह से ही सैलानी मैनपाट पहुंचने लगे हैं। मैनपाट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2012 में जिला प्रशासन सरगुजा ने मैनपाट महोत्सव की शुरुआत की थी। इसमें देश के नामी कलाकार शिरकत करते हैं। यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स, नौकायन, काइट फेस्ट, मेला, दंगल लोगों को खूब लुभाते हैं।

आज अल्ताफ राजा और मलखंभ कलाकारों की प्रस्तुति

कार्यक्रम के पहले दिन यानी 23 फरवरी को मशहूर गायक अल्ताफ राजा, सिंगर रूप कुमार राठौर, हास्य कवि पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे, अबूझमाड़ के मलखंभ कलाकार, गायिका आंचल मंदिलवार, गायिका मनाली सांखला, नृत्यांगना रित्विका बनर्जी समेत स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।

पहले दिन अल्ताफ राजा का कार्यक्रम।

पहले दिन अल्ताफ राजा का कार्यक्रम।

24 फरवरी को खेसारी लाल का शो और दुलदुली डांस रहेगा आकर्षण

कार्यक्रम के दूसरे दिन 24 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल, प्रसिद्ध गजल गायक कुमार सत्यम, छत्तीसगढ़ी गायिका आरू साहू, संबलपुर के दुलदुली डांस ग्रुप सहित स्थानीय कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

पहले दिन हास्य कवि डॉ सुरेंद्र दुबे भी देंगे प्रस्तुति।

पहले दिन हास्य कवि डॉ सुरेंद्र दुबे भी देंगे प्रस्तुति।

25 को सिंगर पलक मुच्छल और छत्तीसगढ़ी गायक संजय की प्रस्तुति

कार्यक्रम के अंतिम दिन यानी 25 फरवरी को प्रसिद्ध बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल, संगीत निर्देशक पलाश मुच्छल, छत्तीसगढ़ी गायक संजय सुरीला, प्रसिद्ध गायिका स्तुति जायसवाल और गायक स्वप्निल जायसवाल, अमनदीप, सूफी गायक नासिर निन्दर सहित स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही स्कूली बच्चों द्वारा भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

सांस्कृति प्रस्तुति देते हुए प्रतिभागी।

सांस्कृति प्रस्तुति देते हुए प्रतिभागी।

बहरूपिया प्रतियोगिता और दंगल का आयोजन

महोत्सव के दौरान अलग-अलग विधा की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को ओपन बहरूपिया प्रतियोगिता एकल और समूह दोनों श्रेणी में होगी। 24 फरवरी को ओपन कुश्ती दंगल प्रतियोगिता होगी। वहीं, हर दिन तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा

कार्यक्रम में पहुंचे लोग।

कार्यक्रम में पहुंचे लोग।

मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है

मैनपाट विन्ध्यर्वत माला पर स्थित है, जिसकी समुद्र सतह से ऊंचाई 3,781 फीट है। इसकी लंबाई 28 किलोमीटर और चौड़ाई 10 से 13 किलोमीटर है। राजधानी रायपुर से अंबिकापुर की दूरी लगभग 365 किमी है, वहीं अंबिकापुर से मैनपाट की दूरी लगभग 50 किमी है। यहां की जलवायु के कारण मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है।

मैनपाट की खूबसूरत घाटी का ड्रोन व्यू।

मैनपाट की खूबसूरत घाटी का ड्रोन व्यू।

मैनपाट कैसे पहुंचें?

राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। राज्य के बाहर के सैलानी हवाई मार्ग, रेलमार्ग और सड़क मार्ग से भी रायपुर पहुंच सकते हैं। यहां रेल मार्ग से अंबिकापुर पहुंचकर फिर सड़क मार्ग से मैनपाट जाया जा सकता है। मैनपाट जाने के लिए टैक्सी और बस आसानी से यहां उपलब्ध हो जाते हैं।

मैनपाट का प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर।

मैनपाट का प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर।

कहां रुकें?

मैनपाट में स्टे के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के रिजॉर्ट शैला और करमा हैं। साथ ही यहां निजी होटल और रिजॉर्ट भी हैं, जहां पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार ठहर सकते हैं। इसके साथ ही अंबिकापुर में होटलों के कई ऑप्शन हैं।

कार्यक्रम में प्रस्तुति देती हुईं कलाकार।

कार्यक्रम में प्रस्तुति देती हुईं कलाकार।

मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • बौद्ध मंदिर – मैनपाट से ही रिहन्द और मांड नदी का उदगम हुआ है। 1962-63 में तिब्बती शरणार्थियों को मैनपाट में बसाया गया था। यहां तिब्बती लोगों का जीवन और बौद्ध मंदिर आकर्षण का केन्द्र है। इसलिए इसे मिनी तिब्बत भी कहा जाता है।
  • टाइगर पॉइंट– मैनपाट के अहम टूरिस्ट स्पॉट में टाइगर पॉइंट एक खूबसूरत प्राकृतिक झरना है। चारों तरफ घनघोर जंगलों के बीच पहाड़ से गिरता हुआ झरना बहुत ही आकर्षक लगता है।
  • उल्टा पानी – मैनपाट के बिसरपानी गांव में स्थित उल्टापानी छत्तीसगढ़ का सबसे ज्यादा हैरान करने वाला दर्शनीय स्थल है। यहां पर पानी का बहाव नीचे की तरफ न होकर ऊपर की ओर होता है। यहां सड़क पर खड़ी न्यूट्रल चार पहिया गाड़ी 110 मीटर तक गुरुत्वाकर्षण के विरूद्ध पहाड़ी की ओर अपने आप लुढ़कती है।
  • जलजली- मैनपाट में प्रकृति के नियमों से दूर जलजली वह पिकनिक स्पॉट है जहां दो से तीन एकड़ जमीन काफी नर्म है और इसमें कूदने से धरती गद्दे की तरह हिलती है।
  • फिश पॉइंट– मैनपाट में पर्यटकों के लिए जंगलों के बीच एक रोमांचकारी और मन को लुभाने वाला फिश पॉइंट है। यह भी एक जलप्रपात है।
  • मेहता पॉइंट– मैनपाट में स्थित मेहता पॉइंट ऊंची पहाडियों, गहरी घाटियों और वन मनोरम दृश्यों से भरपूर है। मैनपाट आने वाले पर्यटक सुंदर व्यू का आनंद लेने के लिए इस पिकनिक स्पॉट पर जरूर पहुंचते हैं।
  • जलपरी पॉइंट- यहां बूढ़ा नागदेव जलप्रपात है, जिसे जलपरी पॉइंट भी कहते हैं। प्रकृति की गोद में बसे इस जलप्रपात तक पहुंचते ही सारी थकान दूर हो जाती है।
Muritram Kashyap
Muritram Kashyap
(Bureau Chief, Korba)
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