Thursday, February 12, 2026

            CG NEWS: गुटखा कारोबारी के घर से 2.88 करोड़ कैश जब्त… रायपुर में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने मारा छापा; 2.66 करोड़ का स्टॉक भी बरामद

            रायपुर: सेंट्रल जीएसटी की टीम ने सोमवार को बोरियाकला में स्थित एक पैकेजिंग फैक्ट्री में छापा मारकर 2.66 करोड़ का स्टॉक जब्त किया। फैक्ट्री मालिक के घर की तलाशी लेने पर 2.88 करोड़ रुपए कैश भी मिला। अफसरों को इनपुट मिला था कि रायपुर में कई जगहों पर तंबाकू और गुटखा की अवैध फैक्ट्री चल रही है। इनमें करोड़ों के टैक्स के हेरफेर की जानकारी मिल रही थी।

            गुटखे की पैकेजिंग का काम भी शहर के कई जगहों पर हो रहा है। सेंट्रल जीएसटी के अफसरों को पुख्ता जानकारी मिलने के बाद विभाग की टीम ने धमतरी रोड में स्थित मेसर्स ओम रोटो प्रिंटर्स बोरियाकला में छापा मारा। बाहर से देखने पर यह सामान्य प्रिटिंग प्रेस जैसा दिखाई देता है। मगर यहां अंदर फैक्ट्री में तंबाकू, पान मसाला ब्रांड के लिए पैकेजिंग बनाई जा रही थी। अधिकारियों ने फिल्म, फॉइल, स्ट्रिप्स, प्लास्टिक का कच्चा माल जब्त किया है।

            यहां पैकेजिंग का निर्माण और सप्लाई पूरी तरह से गुप्त तरीके से किया जा रहा था। जिसकी खबर आसपास के लोगों को भी नहीं थी। गुटखे की पैकेजिंग के रैपर को प्रिंट कर दूसरे राज्यों में भी भेजा जा रहा था।

            विभाग की टीम ने फैक्ट्री में तलाशी के दौरान पाया कि फैक्ट्री संचालक ओडिशा में कारोबार करने वाली कई पार्टियों को तंबाकू, पान मसाला, गुटखा के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई कर रहा था। उसकी फैक्ट्री से 2.60 करोड़ रुपए का बेहिसाब स्टॉक मिला। बड़ी संख्या में गुटखा के रैपर के साथ ही कई तरह की पैकेजिंग सामग्री मिली।

            फैक्ट्री में मौजूद स्टॉक के बारे में संचालक कोई जानकारी नहीं दे पाया। लेजर में भी हिसाब नहीं रखा गया था। इसलिए पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया। संचालक ने यह भी कबूल कर लिया कि वो गुप्त तरीके से यह काम कर रहा था।

            घर से मिले 2.88 करोड़

            बोरियाकला में जहां फैक्ट्री वही संचालक का घर भी है। इस वजह से सेंट्रल जीएसटी की टीम ने संचालक के घर पर भी छापा मारा। आवासीय परिसर की तलाशी के दौरान अफसरों को वहां से 2.88 करोड़ रुपए कैश मिले। कैश से संबंधित हिसाब भी नहीं संचालक नहीं दे पाया।

            अफसरों ने बताया कि बेनामी रकम होने की वजह से यह तय हो गया कि यह रकम गुटखा रैपर की सप्लाई से संबंधित है। इस वजह से कैश भी जब्त कर लिया गया है। सेंट्रल जीएसटी के सहायक आयुक्त जीडी माझी ने बताया कि इस मामले की जांच अभी जारी है।


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