CG: ठेकेदार ने 1.91 लाख का किया फर्जीवाड़ा… फर्जी एडवांस भरकर निगम के 39 ड्राइवरों की सैलरी से उड़ाए पैसे

              BILASPUR: बिलासपुर नगर निगम ने दैनिक वेतन पर ड्राइवर और हेल्पर सप्लाई करने का काम ठेके पर दिया है। लेकिन फर्जी एडवांस भर कर ठेकेदार ने 39 ड्राइवरों की सैलरी से पैसे उड़ा दिए और 1.91 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया है। डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र कुमार पात्रे की जांच में मामले का उजागर हुआ है।

              दरअसल, कलेक्टर ने कर्मचारियों को न्यूनतम 10 हजार भुगतान करने के निर्देश हैं, पर ठेकेदार इनकी सैलरी काट कर देते हैं।

              नगर निगम के विकास भवन कार्यालय की फोटो।

              नगर निगम के विकास भवन कार्यालय की फोटो।

              ऐसे होती है धोखाधड़ी

              ठेकेदार काली कमाई करने के लिए कर्मियों के नाम से फर्जी एडवांस फार्म भरते हैं। इसके बाद उनके मानदेय की रकम मनमाने तौर पर काट ली जाती है। शिकायत करने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है। कुछ कर्मियों को काम से हटाने की भी शिकायत स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने हालिया प्रदर्शन के दौरान अफसरों को बताई थी।

              ठेका कर्मियों से जबरिया प्राइवेट काम कराने और नहीं करने पर अन्यत्र ट्रांसफर करने की घटना को लेकर शनिवार को 100 से अधिक वाहनों के ड्राइवरों ने काम बंद हड़ताल किया था। इसकी जानकारी दो दिन बाद निगम अफसरों को तब पता चली, जब कलेक्टर ने निगम के प्रभारी कमिश्नर राकेश जायसवाल को वाट्सएप मैसेज भेजा। ‘दैनिक भास्कर’ ने इसकी खबर प्रकाशित की थी।

              इस मामले में प्रभारी कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए थे। डिप्टी कमिश्नर ने कर्मियों से बातचीत कर आश्वासन और समझ के आधार पर उनकी हड़ताल समाप्त कराई। इसके बाद सैलरी काट कर देने के मामले की जांच की गई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।

              ड्राइवर की हड़ताल के दौरान स्वागत सासाकी कर्मचारी महासंघ के प्रांत अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कर्मचारियों की सैलरी काटने की शिकायत की थी।

              जानिए किन-किन कर्मियों के फर्जी दस्तखत से रकम काटी गई

              आधिकारिक जानकारी के अनुसार, निगम को 39 ड्राइवर सप्लाई करने का ठेका संदीप राय को दिया है। उसके विरुद्ध अरसे से कर्मचारियों को कम सैलरी देने, रकम काटने की शिकायतें रही हैं। उनके द्वारा सप्लाई किए जा रहे कर्मचारियों के नाम पर काटे गए एडवांस फार्म की जांच की गई, तो कर्मचारियों ने अपना दस्तखत होने से इनकार कर दिया।

              जाहिर है कि कर्मचारियों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर हर महीने उनके मानदेय से रकम काट कर उन्हें कम पैसे दिए जा रहे थे। डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र कूमार पात्रे के मुताबिक ड्राइवर संजय कुमार साहू, मुकेश कुमार यादव ओंकार रजक, सन्नी यादव, अश्विनी पटेल, सहित 39 ड्राइवरों के बयान से फर्जी हस्ताक्षर से एडवांस काटने की बात साबित हो चुकी है।

              इस आधार पर संदीप राय को तीन महीने में उसके द्वारा ड्राइवरों के मानदेय से काटे गए 1.91 लाख रुपए जमा करने के निर्देश दिए गए। नोटिस में फर्जी एडवांस की रकम जमा नहीं करने पर अनुबंध की शर्तों के मुताबिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

              फर्जी हस्ताक्षर से हर महीने काटी गई रकम

              डिप्टी कमिश्नर की जांच में पता चला कि ठेकेदार संदीप राय ने सितंबर 2023 में 39 ड्राइवरों से 56900 रुपए, अक्टूबर में 63500 रुपए और नवंबर में 70650 रुपए बतौर एडवांस कटौती की। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि एक अन्य ठेकेदार रोमेश पांडेय को भी एडवांस के नाम पर काटी गई रकम जमा करने नोटिस भेजा गया है।


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