Saturday, February 21, 2026

              CG : सफेद भालू का शावक सड़क किनारे बदहवास मिला, शावक को लोगों ने पिलाया पानी, कुछ देर बाद जंगल में गया वापस

              गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: मरवाही में दुर्लभ सफेद भालू का शावक नजर आया है। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे सफेद भालू के शावक को सुबह लोगों ने अचेत अवस्था में सड़क किनारे देखा। सूचना के बाद मौके पर गांव के सरपंच सहित ग्रामीण पहुंचे। भालू के शावक को अपने हाथों से लोगों ने पानी पिलाया और होश में लाया। सूचना पर वन विभाग के डीएफओ रौनक गोयल को सूचना दी

              बताया जा रहा है कि सफेद भालू का शावक बदहवास स्थिति में था और पास ही उसके मां के होने की आवाजें आ रही थी। लिहाजा शावक भालू को वहीं जंगल की सीमा से लगे इलाके में रखकर उसकी मां के आने का इंतजार वन विभाग कर रहा था। वहीं भालू का शावक पानी आदि पीने के बाद करीब 11 बजे जंगल के भीतर चला गया।

              जंगल में शावक के मूवमेंट पर वन विभाग की नजर

              वन विभाग की टीम काफी देर तक जंगल में शावक के मूवमेंट पर नजर रखते हुए उसे पानी भोजन इत्यादि देने का काम करते रही। करीब तीन घंटे तक वन विभाग के अधिकारी नजर बनाए हुए थे, और लोगों को भालू प्रभावित वाले इलाके में जाने से रोका जा रहा था, ताकि प्राकृतिक तरीके से भालू वापस जंगल की सीमा में जा सके।

              मादा काले भालू की पीठ पर अठखेलियां करते हुए देखा गया था

              गौरतलब है कि सफेद भालू का यह शावक उन्हीं में से एक है जिसे पिछले महीने महोरा गांव से ही सटे डोंगरिया गांव में सड़क किनारे एक मादा काले भालू की पीठ पर दो सफेद भालू शावकों को अठखेलियां करते हुए देखा गया था और एक राहगीर ने उसका वीडियो भी बनाया था। ये शावक उसी भालू परिवार का सदस्य माना जा रहा है।

              रेस्क्यू टीम और पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी बुलाया

              बिलासपुर के कानन पेंडारी से रेस्क्यू टीम और पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर डीएफओ रौनक गोयल ने इस जगह की पहचान जाहिर नहीं कर रहे हैं। मरवाही के जंगलों में पानी की कमी और लगातार बेतहाशा उत्खनन के चलते भालू इसी प्रकार लगातार जंगल से लगे गांवों की सीमाओं में प्रवेश कर रहे हैं।

              स्लॅाथ बीयर प्रजाति का भालू

              बता दें कि यह सफेद भालू का शावक कोई पोलर बीयर नहीं है। यह सामान्य स्लॅाथ बीयर प्रजाति का ही भालू है। किसी-किसी इंसानों की तरह ही ये काले भालू का रंग भी सफेद हो जाता है। 2 साल पहले वन विभाग की लापरवाही और सूचना की अनदेखी के कारण अंडी गांव में कुएं में गिरकर एक सफेद भालू की मौत गई थी। साल 1996 से लगातार मरवाही में सफेद भालू मिलते रहे हैं।

              पूर्व विधायक पहलवान सिंह मराबी जोकि भालुओं के संरक्षण के लिए लगातार मुद्दे उठाते रहे हें। उन्होंने वन विभाग के लापरवाह रवैये की जमकर निंदा करते हुए मरवाही वनमंडल में ऑपरेशन जामवंत प्रोजेक्ट लागू करने की मांग की है।


                              Hot this week

                              कोरबा : BALCO मेडिकल सेंटर ने बालको अस्पताल में शुरू की नई फार्मेसी

                              बालकोनगर (BCC NEWS 24): बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), रायपुर...

                              KORBA : क्रिएटिव कार्नर के आर्टिस्टों को सम्मानित किया महापौर ने

                              आयुक्त एवं सभापति की विशेष उपस्थिति में निगम कार्यालय...

                              Related Articles

                              Popular Categories