
ओलों के कारण किसानों की फसल को नुकसान।
सरगुजा: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण (cyclic circulation of upper air) के कारण सरगुजा जिले के सीतापुर, बतौली और मैनपाट इलाके में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
ओलों के कारण टमाटर, मिर्च, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं आम के बौर को भी नुकसान हुआ है। ओले से होने वाले नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
बारिश के साथ हुई थी ओलावृष्टि
सरगुजा संभाग में रविवार को बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओले गिरे थे। मंगलवार को बतौली इलाके में ओलावृष्टि हुई। वहीं बुधवार शाम तेज बारिश के साथ सीतापुर और मैनपाट इलाके में ओले गिरे। सीतापुर और बतौली में खासतौर पर ओलों ने फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। वर्तमान में चैती अरहर, सरसों और सब्जियों की फसल खेतों में लगी है।

फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए किसान।
लाखों के नुकसान का अनुमान
ओलावृष्टि के बाद किसानों की कई एकड़ में लगी मिर्च और टमाटर सहित अन्य फसलें बर्बाद हुई हैं। सीतापुर इलाके में ओलावृष्टि से पीड़ित किसान विनोद एक्का ने बताया उसने 8 एकड़ में मिर्च और 4 एकड़ में टमाटर की खेती की है। भारी ओलावृष्टि से उसे लाखों का नुकसान हुआ है। दोनों विकासखंड में ऐसे सैकड़ों किसान हैं, जिन्हें ओलावृष्टि से नुकसान का सामना करना पड़ा है।

सरसों की फसल को भी हुआ है नुकसान।
आम और लीची की फसल पर भी प्रभाव
ओलों के कारण मिर्च के फूल झड़ गए हैं। टमाटर में दाग पड़ गया है। इससे टमाटर या तो सड़ जाएंगे या बाजार में अच्छी कीमत नहीं मिलेगी। ओलों के कारण आम के बौर भी झड़ गए हैं। लीची की फसल पर भी ओले का प्रभाव पड़ेगा। इससे किसानों को खासा नुकसान हुआ है।

क्षेत्र में जमकर पड़े थे ओले।
किया जाएगा नुकसान का आकलन
कृषि विस्तार अधिकारी शैलेंद्र बीशी ने बताया कि किसानों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान का प्रकरण तैयार कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। एसडीएम सीतापुर रवि राही ने बताया कि किसानों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। फिर इसी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन किसानों को मुआवजा देगा।

(Bureau Chief, Korba)



