मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 8 महीने बाद वक्फ संशोधन कानून लागू करने राजी, सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया, कहा- राज्य की सभी वक्फ संपत्तियों की जानकारी 6 दिसंबर तक केंद्र सरकार की UMID वेबसाइट पर अपलोड करें

          कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ममता सरकार 8 महीने के विरोध के बाद नए वक्फ संशोधन कानून को लागू करने पर राजी हो गई है। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य की 8063 वक्फ संपत्तियों की जानकारी 6 दिसंबर 2025 तक केंद्र सरकार की UMID वेबसाइट पर अपलोड करें।

          वक्फ संशोधन कानून इस साल 4 अप्रैल को संसद के दोनों सदनों से पास हुआ था। तब पश्चिम बंगाल ने इसे अपने राज्य में लागू करने से मना कर दिया था। सीएम ममता बनर्जी ने 8 अप्रैल को एक रैली में कहा था कि जब तक पश्चिम बंगाल में ममता दीदी है, मुस्लिम समुदाय की संपत्ति की रक्षा करेगी। चाहे कोई गोली मार दे, मुझे एकता से अलग नहीं किया जा सकता। बंगाल में धर्म के नाम पर बंटवारा नहीं होगा।

          ममता क्यों हुईं राजी, 3 वजहें

          • कानून को अदालत में चुनौती दी गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने नए प्रावधानों के लागू होने पर कोई रोक नहीं लगाई। इसलिए कानूनी रूप से राज्य सरकार पर इसे लागू करने की बाध्यता है।
          • केंद्र सरकार का साफ निर्देश है कि सभी अविवादित वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड डेडलाइन (6 दिसंबर) तक UMID पोर्टल पर अपलोड होना चाहिए। ममता सरकार इस निर्देश का पालन न करके कानूनी विवाद में नहीं फंसना चाहती।
          • केंद्र ने नए नियमों में वक्फ बोर्डों और मुतवल्लियों की जवाबदेही बढ़ाई है। राज्यों के लिए डेटा अपलोड करना अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है।

          वक्फ संशोधन कानून 8 अप्रैल से देशभर में लागू कर दिया गया था। वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा से और 3 अप्रैल को राज्यसभा से पास हुआ था। 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना था।

          हालांकि नए वक्फ कानून की संवैधानिकता के खिलाफ 12 याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

          कोर्ट ने सोमवार को कानून में किए गए 3 बड़े बदलावों पर अंतिम फैसला आने तक स्टे लगा दिया। इनमें वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का नियम शामिल है। CJI बीआर गवई और जस्टिस अगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि केंद्रीय वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम मेंबर्स की संख्या 4 और राज्यों के वक्फ बोर्ड में 3 से ज्यादा न हो। सरकारें कोशिश करें कि बोर्ड में नियुक्त किए जाने वाले सरकारी मेंबर्स भी मुस्लिम कम्युनिटी से ही हों।



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