शाला प्रवेश के दिन ही बच्चों को मिलेगा निःशुल्क गणवेश, स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा तैयारियां शुरू…

              रायपुर: प्रदेश में नवीन शिक्षा सत्र 16 जून से प्रारंभ होगा। नवीन शिक्षा सत्र में कक्षा पहली से 8वीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को दो-दो सेट निःशुल्क गणवेश का वितरण शाला प्रवेश के प्रथम दिन से ही किया जाना है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ को पत्र लिखकर समय पूर्व गणवेश उपलब्ध कराने कहा है। निःशुल्क गणवेश उपलब्ध कराने के लिए सभी जिलों के विकासखण्ड, संकुलवार वास्तविक मांग संख्या की जानकारी हाथकरघा संघों को उपलब्ध करा दी गई है।

              स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया है कि राज्य में पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुव्यवस्थित तरीके से गणवेश वितरण का कार्य शाला प्रवेश के समय ही हो। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, लोक शिक्षण संचालनालय और समग्र शिक्षा अभियान के संयुक्त और समन्वित प्रयास से समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। हाथकरघा संघ द्वारा लिंगवार, उम्रवार और साईजवार शेष अपूर्ण गणवेशों का निर्माण कर उनका भण्डारण कार्य सहित सिलाई बुनाई एवं कपड़े की गणुवत्ता संबंधी यथा आवश्यक परीक्षण भी समय पूर्व सुनिश्चित कर लिया जाए। हाथकरघा संघ द्वारा कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए संकुल स्तर पर वितरण कार्य के लिए गणवेश सेट के परिवहन हेतु जरूरी वाहनों का निर्धारण यथा समय पूर्व सुनिश्चित कर ली जाए। परिवहन के लिए आवश्यक रू-चार्ट, जिलावार, विकासखण्डवार, संकुलवार, तिथिवार, समयवार तैयार कर इसकी सूचना सर्वसंबंधित नोडल अधिकारियों को दी जाए। गणवेश संकुल स्तर से स्कूलों को सौंपे जाएंगे। शाला प्रमुख गणवेश वितरण के बाद आगामी सात दिवस के भीतर निर्धारित विभागीय पोर्टल में इसकी जानकारी दर्ज कराएंगे। जिन जिलों में गणवेश की कमी होगी तो तत्काल उसकी जानकारी संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र के संभागीय संयुक्त संचालक को देंगे।

              गणवेश वितरण के समयबद्ध वितरण के लिए राज्य स्तर पर महाप्रबंधक हाथकरघा संघ एवं सहायक संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, संभाग स्तर पर संभागीय संयुक्त संचालक, जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना श्रोत समन्वयक समग्र शिक्षा, विकासखण्ड स्तर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड श्रोत समन्वयक, संकुल स्तर पर संकुल प्रभारी या समन्वयक, डिपो स्तर पर डिपो मैनेजर तथा शाला स्तर पर संस्था प्रमुख नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।


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