Sunday, January 11, 2026

              ओडिशा के व्यवसायी से 46 करोड़ की धोखाधड़ी… मुख्य आरोपी पिता-पुत्र ने कोर्ट में किया सरेंडर, रिमांड में लेकर पुलिस ने की पूछताछ

              सरगुजा: ओडिशा के कारोबारी से करीब 46 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में अंबिकापुर के व्यवसायी पिता-पुत्र ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने पर कोतवाली पुलिस ने पिता-पुत्र को रिमांड पर लेकर कोतवाली पुलिस ने पूछताछ की एवं उन्हें न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से दोनों को जेल भेज दिया गया है।

              व्यवसायी पिता-पुत्र ने अन्य रिश्तेदारों और व्यापारियों के साथ मिलकर कोल ऑक्शन में कोयला खरीदी-बिक्री करने का झांसा देकर एवं छड़ के कारोबार में ओडिशा के व्यापारी से बड़ी ठगी की थी। मिली जानकारी के मुताबिक ओडिशा के राउरकेला में संचालित गणेश रोलिंग मिल्स के संचालक पंकज अग्रवाल (42) ने 16 मई 2023 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

              ब्रोकर बनकर 46 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी

              उन्होंने शिकायत में कहा कि राहुल गोयल, केके अग्रवाल और अन्य व्यक्तियों द्वारा पूर्व में उसकी फैक्ट्री में कोयला सप्लाई की जाती थी व छड़ का व्यवसाय किया जाता था। करीब दो वर्ष पूर्व सिंगरौली मध्यप्रदेश से ई ऑक्शन में कोयला खरीद कर पार्टनरशिप में अच्छा मुनाफा देने का झांसा देकर और छड़ व्यवसाय में ब्रोकर बनकर 46 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर ली।

              दो आरोपियों की पूर्व में गिरफ्तारी

              मामले में कोतवाली पुलिस ने उत्तरप्रदेश अंतर्गत सोनभद्र निवासी आरोपी राहुल अग्रवाल को उसके गृहग्राम से और अंबिकापुर निवासी सुजित जायसवाल को बनारस से गिरफ्तार किया था। धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी केके अग्रवाल (66) एवं उसके पुत्र राहुल गोयल (38) को पुलिस फरार बता रही थी। दोनों कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी देखे गए थे। दोनों के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस उनपर हाथ डालने से बच रही थी।

              पुलिस का दबाव बढ़ा तो किया सरेंडर

              प्रदेश में सरकार बदलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बढ़ाया तो पिता-पुत्र केके अग्रवाल एवं राहुल गोयल ने अंबिकापुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में 14 दिसंबर को सरेंडर कर दिया। रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने धारा 420, 409, 34 के तहत पांच आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।

              कोतवाली पुलिस को न्यायालय से आरोपियों का एक दिन का रिमांड मिला था। आरोपियों के 15 दिसंबर को न्यायालय में पेश कर पुलिस ने चार दिनों की रिमांड मांगी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया और आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दे दिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।


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