श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के झंगर-नौशेरा सेक्टर में LoC पर घुसपैठ की कोशिश के दौरान एक आतंकवादी को सेना ने मार गिराया। भारतीय सेना ने बताया कि 10 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3 बजे लाइन ऑफ कंट्रोल पर झंगर-नौशेरा के इलाके में दो आतंकवादियों की हरकत का पता चला था।
सेना ने बताया कि सैनिकों ने तेजी से काम किया, और घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। दूसरे आतंकवादी की तलाश जारी है। सेना के मुताबिक जमीन और हवाई निगरानी की मदद ली जा रही है।
पिछले 5 दिनों में जम्मू-कश्मीर के राजौरी इलाके में सिक्योरिटी फोर्स ने दूसरी बार घुसपैठ की कोशिश नाकाम की है।

भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने सोशल मीडिया X पर जानकारी दी।
23 फरवरी: सेना ने बताया था- 326 दिन ऑपरेशन चलाकर 7 आतंकी मारे
इससे पहले 23 फरवरी को भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा था कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है।
पोस्ट में बताया गया था कि इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। सैफुल्लाह किश्तवाड़ में आतंक का सरगना था। व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ में उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF समेत सेना की इंटेलीजेंस एजेंसी भी शामिल रहीं।
2026 में सेना के 2 ऑपरेशन
ऑपरेशन त्राशी-1: यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई थी। चतरू में 3 आतंकियों के खात्मे के साथ यह खत्म हो गया है।
ऑपरेशन ‘किया: व्हाइट नाइट कोर ने 4 फरवरी को CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए।

(Bureau Chief, Korba)




