कर्नाटक: प्रदेश के कोडागु (कूर्ग) जिले के डुबारे एलीफेंट कैंप में सोमवार को दो हाथियों की लड़ाई के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। एक हाथी धक्का लगने से बैलेंस खो बैठा और महिला के ऊपर गिर गया। इससे महिला की दबकर मौत हो गई।
वहीं एक पुरुष और उसकी गोद में एक बच्चा बाल-बाल बच गए। अधिकारियों के मुताबिक, तमिलनाडु निवासी तुलसी (33) अन्य पर्यटकों के साथ नदी किनारे खड़ी होकर हाथियों को नहलाते हुए देख रही थीं। नदी में 6 से 7 हाथी थे। उनके साथ महावत भी थे।
तभी कंजन और मार्तंडा नाम के दो हाथी हिंसक होकर बेकाबू हो गए। दोनों एकदूसरे पर हमला करने लगे। इस दौरान चीख-पुकार मच गई। लोग इधर-उधर भागते दिखे। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
6 विजुअल्स के जरिए पूरी घटना देखिए…

कैंप अधिकारियों के मुताबिक, नहलाने के दौरान कंजन और मार्तंडा नाम के दो हाथियों के बीच लड़ाई शुरू हो गई।

कंजन ने मार्तंडा पर हमला कर दिया। इससे मार्तंडा गिर पड़ा। इसी दौरान महिला उसके नीचे दब गई।

एक पुरुष और बच्चा हाथी के नीचे दबने से बच गए। बाद में वह शख्स बच्चे को गोदकर में लेकर महिला को बचाने की कोशिश करने लगा।

कंजन हाथी पर बैठे महावत और अन्य लोग उसे कंट्रोल करने की कोशिश करते रहे। इस दौरान महिला का शव तैरता दिखा।

हमले से मार्तंडा हाथी जख्मी भी हो गया। उसके कान से खून निकला, जिससे नदी का पानी भी लाल हो गया।

काफी मशक्कत के बाद मार्तंडा उठकर खड़ा हो पाया। इसके बावजूद कंजन दांत और सूंड से हमला करते रहा।
डुबारे एलीफेंट कैंप में गर्मियों के दौरान जुटते हैं पर्यटक
डुबारे एलीफेंट कैंप कोडागु जिले में कावेरी नदी के तट पर एक प्रमुख इको-टूरिज्म और हाथी ट्रेनिंग सेंटर है। इसके मैनेजमेंट की जिम्मेदारी कर्नाटक वन विभाग और जंगल लॉजेस एंड रिसॉर्ट्स के पास है।
गर्मियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक जुटते हैं और महावतों से उनके व्यवहार और ट्रेनिंग के बारे में सीखते हैं। वे महावत के साथ हाथियों को नदी में नहलाने में भी मदद करते हैं। उन्हें केले और गन्ने भी खिलाते हैं। कैंप के आसपास के जंगलों में लोग ट्रैकिंग करने भी जाते हैं। कावेरी नदी में राफ्टिंग की सुविधा भी है।
महिला की मौत के बाद सेल्फी और हाथियों को खाना देने पर रोक
डुबारे एलीफेंट कैंप में महिला पर्यटक की मौत के बाद राज्य सरकार ने सख्त सुरक्षा नियम लागू किए हैं। अब पर्यटक हाथियों के साथ सेल्फी नहीं ले सकेंगे और उन्हें खाना खिलाने या नहलाने की अनुमति भी नहीं होगी।
वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पर्यटक वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें। हाथियों की सूंड छूने या उनके पास खड़े होकर फोटो खिंचवाने पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने पर्यटकों को हाथियों को नहलाने, गुड़, केला या अन्य खाद्य पदार्थ खिलाने जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है।

(Bureau Chief, Korba)




