कर्नाटक: प्रदेश के भाजपा नेता योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
कर्नाटक के धारवाड़ में 15 जून 2016 को बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की उनके जिम में हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने जांच की, लेकिन राजनीतिक दबाव और आरोपों के चलते 2019 में मामला CBI को सौंप दिया गया था।
कोर्ट ने 15 अप्रैल को कांग्रेस विधायक और 16 अन्य लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था। स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने कहा कि सभी दोषियों ने मिलकर हत्या की आपराधिक साजिश रची थी।

CBI ने 5 नवंबर 2020 को विनय कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया था।
सजा के बाद कांग्रेस विधायक की सदस्यता जाने की संभावना
मामले में कांग्रेस विधायक को मुख्य साजिशकर्ता माना गया। कोर्ट के फैसले के बाद कुलकर्णी की विधानसभा सदस्यता पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि कानून के मुताबिक दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि अयोग्य हो जाता है।
दो आरोपियों को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी किया
विधायक विनय कुलकर्णी के अलावा आरोपियों में विक्रम बेल्लारी, कीर्ति कुमार, संदीप सावदत्ती, विनायक कटगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ मुदाका, संतोष सावदत्ती, दिनेश एम, एस अश्वथ, केएस सुनील, नजीर अहमद, शानवाज, के नूतन, सी हर्षित, चन्द्रशेखर इंडी उर्फ चंद्रू मामा, विकास कलबुर्गी और चन्नकेशव तिंगरीकर शामिल हैं।
आरोपियों में शामिल दो लोगों, वासुदेव रामा नीलेकानी और सोमशेखर न्यामगौड़ा को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया।
योगेश गौड़ा मर्डर केस की टाइमलाइन
- 15 जून 2016: धारवाड़ के सप्तापुर जिम में योगेश गौड़ा गौडर की हत्या हुई।
- 2016-2018: स्थानीय पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य चार्जशीट में विनय कुलकर्णी का नाम नहीं था।
- सितंबर 2019: सरकार बदलने के बाद केस CBI को सौंपा गया।
- 5 नवंबर 2020: CBI ने विनय कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया।
- 11 अगस्त 2021: सुप्रीम कोर्ट ने कुलकर्णी को सशर्त जमानत दी, धारवाड़ जाने पर रोक लगा दिया।
- 7 जून 2025: सुप्रीम कोर्ट ने गवाह प्रभावित करने के आरोप में कुलकर्णी की जमानत रद्द की।
- 27 फरवरी 2026: कुलकर्णी को सभी मुख्य गवाहों की गवाही के बाद सुप्रीम कोर्ट से फिर जमानत मिली।
- 15 अप्रैल 2026: स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने कुलकर्णी समेत 17 को दोषी ठहराया।
- 17 अप्रैल 2026: कोर्ट ने सभी 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

(Bureau Chief, Korba)




