कोरबा: मरीज के बेड के नीचे फन फैलाए बैठा दिखा कोबरा…. जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी, फुफकारते हुए जमीन पर पटक रहा था फन; रेस्क्यू किया गया

              कोरबा: जिला अस्पताल में मरीज के बेड के ठीक नीचे फन फैलाए नाग को देखकर लोगों के होश उड़ गए। नाग को देखकर अस्पताल में अफरातफरी मच गई। सांप फुफकार भी रहा था, साथ ही फन को जमीन पर भी पटक रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी।

              जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह साढ़े 5 बजे जिला अस्पताल के महिला वार्ड में नाग घुस गया। नाग मरीज के बिस्तर के ठीक नीचे फन फैलाए बैठा हुआ था। कुछ मरीजों की नजर उस पर पड़ी, तो वहां अफरातफरी मच गई। तुरंत स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी को सूचना दी गई। घटना के दौरान काफी मरीज अस्पताल में भर्ती थे।

              मरीज के बिस्तर के पास बैठा साढ़े 3 फीट का नाग।

              मरीज के बिस्तर के पास बैठा साढ़े 3 फीट का नाग।

              इधर सूचना मिलते ही सर्पमित्रों की टीम जिला अस्पताल पहुंची। स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने नाग को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वो बार-बार फन जमीन पर मार रहा था, वो पूरी तरह से आक्रामक मुद्रा में बैठा हुआ था, जिसे देख लोग घबरा गए। बड़ी मुश्किलों से साढ़े 3 फीट लंबे नाग को रेस्क्यू कर डिब्बे में बंद किया गया। मरीजों और उनके परिजनों ने कहा कि समय रहते उनकी नजर नाग पर पड़ गई, नहीं तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

              डिब्बे में नाग को बंद करते सर्प मित्र जितेंद्र सारथी।

              डिब्बे में नाग को बंद करते सर्प मित्र जितेंद्र सारथी।

              दरवाजे के ऊपर भी लटका मिला था नाग

              एक दिन पहले ही कोरबा जिले के खरमोरा में दरवाजे के ठीक ऊपर कोबरा लटका हुआ नजर आया था। मकान मालिक राम कुमार ने बताया कि फुफकार की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। वे, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे दरवाजा खोलकर घर से बाहर निकल ही रहे थे कि दरवाजे के ठीक ऊपर कोबरा लटकता हुआ दिखाई दिया। ये देख वे तुरंत परिवार समेत वहां से भागे और स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी को फोन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे जितेंद्र सारथी ने नाग को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। वहीं पुरानी बस्ती में भी एक घर में तकिए से लिपटा हुआ सांप मिला था, जिसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया था।

              स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने नाग को किया रेस्क्यू।

              स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने नाग को किया रेस्क्यू।

              किंग कोबरा को कहा जाता है नागराज

              इस सांप को ही नागराज के रूप में मान्यता है। माना जाता है कि शिव भगवान के गले में जो सांप दिखाया गया है वह यही किंग कोबरा है, इसलिए इसे सामान्यतः मारा नहीं जाता। यह प्रजाति सबसे लंबे सांप वाली भी है। अभी तक भारत में सबसे लंबा किंग कोबरा कार्बेट के जंगल में मिला है, लेकिन वह मृत अवस्था में था। उसकी लंबाई 23 फीट 9 इंच नापी गई थी। इस सांप की औसत लंबाई 12 से 14 फीट तक की होती है। यह दुर्लभ प्राणियों की श्रेणी में आता है। ये भारत में असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कुछ राज्य पाया जाता है।

              नाग के जहर से थोड़ी ही देर में हो जाती है इंसान की मौत।

              नाग के जहर से थोड़ी ही देर में हो जाती है इंसान की मौत।

              किंग कोबरा के बारे में

              • लंबाई- 18 फीट तक हो सकती है।
              • रहवास : ठंडे क्षेत्रों में।
              • खाना : छोटे किंग कोबरा से लेकर बैंडेड करैत तक का भोजन।
              • प्रजनन : घोसला बनाकर एक बार में 15-20 अंडे देता है। इनकी 60 से 70 दिन तक सुरक्षा करता है।

              15 मिनट में जा सकती है जान

              भारत में सांपों की 216 प्रजातियां हैं, जिनमें 53 प्रजातियां विषैली होती हैं। इनमें भी किंग कोबरा उन चार प्रजातियों में शामिल है जिनके काटने से इनसान की मौत हो सकती है। किंग कोबरा के जहर से 15 मिनट में आदमी की मौत हो जाती है।


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