’पक्की छत मिली, परिवार के सपनों को मिला नया आधार’
कोरबा (BCC NEWS 24): प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आवास का सपना साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को अपना पक्का घर मिल रहा है। कोरबा शहर के वार्ड क्रमांक 24, काशी नगर निवासी श्रीमती मनीषा शुक्ला का परिवार भी इसी बदलाव का एक सुखद उदाहरण है। मनीषा शुक्ला और उनके पति श्री विपिन कुमार शुक्ला सीमित आय में अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई और घर-परिवार की जरूरतों को पूरा कर रहे थे। आर्थिक संसाधन सीमित होने के कारण स्वयं का पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। परिवार जिस पुराने मकान में रहता था, वह समय के साथ काफी जर्जर हो गया था। घर की स्थिति को देखते हुए परिवार को कुछ समय के लिए किराए के मकान में रहना पड़ा।
ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई। योजना के तहत नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा मनीषा शुक्ला को पक्का मकान निर्माण के लिए स्वीकृति एवं सहायता प्रदान की गई। योजना के सहयोग से उनका अपना पक्का घर बनकर तैयार हुआ और वर्षों से संजोया सपना अब हकीकत में बदल गया। मनीषा शुक्ला के आवास का स्वीकृत कारपेट क्षेत्रफल 35 वर्ग मीटर है। आवास निर्माण के लिए कुल स्वीकृत लागत रूपये 2.82 लाख है। इसमें केन्द्रांश के रूप में रूपये 1.50 लाख, राज्यांश रूपये एक लाख तथा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान के रूप में रूपये 32 हजार की सहायता शामिल है। हितग्राही अंशदान भी योजना के प्रावधान के अनुसार शामिल है।
नया पक्का मकान मिलने के बाद मनीषा शुक्ला और उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध है। बच्चों को भी पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है। पक्की छत ने परिवार को केवल आवास ही नहीं दिया, बल्कि भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। मनीषा शुक्ला खुशी के साथ बताती हैं कि अपना पक्का घर उनके परिवार के लिए वर्षों की मेहनत और उम्मीद का परिणाम है। उनके लिए यह मकान केवल ईंट-पत्थर से बना घर नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सहयोग से मनीषा शुक्ला का परिवार अब अपने स्वयं के पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। योजना ने उनके परिवार के सपने को आकार देते हुए ‘अपना घर’ होने के सुख और संतोष को साकार किया है।

(Bureau Chief, Korba)







